धोरैया (बांका). प्रखंड क्षेत्र में बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान को लेकर जारी आदेश के खिलाफ एएनएम ने विरोध जताया है. स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के उपकेंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए वर्तमान व्यवस्था व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर सकती है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की.
10 से 20 किलोमीटर दूर जाकर हाजिरी दर्ज कराने में परेशानी
एएनएम कुमारी अष्टमा, पार्वती कुमारी, काजल कुमारी, वंदना कुमारी, कुमारी पूजा, कुमारी नेहा, प्रतिभा भारती, रानी कुमारी, पूजा कुमारी, रिचा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रूपम भारती, नेहा कुमारी, नीतू कुमारी और प्रकृति रानी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित उपकेंद्रों से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कई बार 10 से 20 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ सकती है. कर्मियों का कहना है कि इतनी दूरी तय करने में समय लगने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत महिला स्वास्थ्य कर्मियों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
वेतन भुगतान के नियम पर पुनर्विचार की मांग
एएनएम ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान के नियम को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मियों की वास्तविक कार्य परिस्थितियों और व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखकर व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए.
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होने देने की अपील
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों. उन्होंने विभाग से वैकल्पिक मार्ग निकालने और बायोमेट्रिक हाजिरी के आदेश पर दोबारा विचार करने की मांग की.
एकजुट होकर रखीं अपनी मांगें
एएनएम ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं और मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर उनकी परेशानियों पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहे.
