किसान ने कृषि पदाधिकारी से की लिखित शिकायत
बाराहाट. क्षेत्र के किसानों के लिए खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है. एक तरफ प्रकृति की मार, तो दूसरी तरफ खाद विक्रेताओं की मनमानी ने अन्नदाताओं को आंदोलन पर उतरने को मजबूर कर दिया है. ताजा मामला बाराहाट प्रखंड का है, जहां यूरिया खाद की भारी किल्लत और अवैध कालाबाजारी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. राधानगर ग्राम निवासी किसान बमबम यादव पिता संतन यादव ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी बाराहाट को एक लिखित आवेदन देकर खाद विक्रेता के खिलाफ शिकायत की है. आरोप है कि वह अपनी फसलों में खाद डालने के लिए पिछले कई दिनों से बाराहाट बाजार का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दुकानदार उन्हें बैरंग वापस भेज रहे हैं. पीड़ित किसान ने क्षेत्र के दो प्रमुख खाद विक्रेता अनिल मंडल और पप्पू मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आवेदन में स्टॉक छिपाने का आरोप लगाते हुए किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर लौटा देने की बात बतायी गयी है. साथ ही आरोप है कि वही खाद बाद में चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर बेची जाती है. सरकार द्वारा यूरिया की निर्धारित दर 267 रुपये प्रति बोरा है, लेकिन विक्रेताओं द्वारा किसानों से 380 रुपये प्रति बोरी की मांग की जा रही है.पीड़ित किसान ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने मांग की है कि इन दुकानों के स्टॉक की जांच की जाए और कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम किसानों को आर्थिक शोषण से बचाया जा सके.
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