धान खरीद में करीब दो दर्जन पैक्स डिफॉल्टर, करीब दस करोड़ रुपये के गबन का आरोप

मामले में बैंक नामित पैक्सों से बकाया राशि की वसूली के लिए अपना रहे सभी वैधानिक प्रक्रिया

बांका. राज्य सरकार किसानों के धान खरीद के लिए लगातार प्रयासरत है. इसके लिए दी भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से सभी चयनित पैक्सों को राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद के लिए सीसी भी उपलब्ध करा दी गयी है. जानकारी के अनुसार, जिले के 147 पैक्सों को 70.81 करोड़ की सीसी दे दी गयी है, ताकि किसानों से धान की खरीद ससमय की जा सके. एक तरफ जहां बैंक धान खरीद के लिए पैक्सों को राशि दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ बैंक की राशि कतिपय पैक्सों के द्वारा गबन कर लेने की बात सामने आ रही है. विगत दशकों से कई पैक्सों के द्वारा धान खरीद के लिए मिली राशि का गबन कर लेने के कारण बैंक के करीब 10 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हो पायी है. यह विभाग व बैंकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. हालांकि इस मामले में बैंक के द्वारा नामित पैक्सों से बकाया राशि की वसूली के लिए सभी वैधानिक प्रक्रिया अपनायी जा रही है. इसमें कुछ वसूली को छोड़कर शेष राशि अधर में लटकी हुई है.

जिले में 2012-13 से दो दर्जन से अधिक पैक्सों पर है बकाया

विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 व 24-25 में धोरैया के अहिरो व चलना पैक्स, कटोरिया के कोल्हासार, चांदन के दक्षिणी कसबा वसिला व बांका के करमा समेत अन्य पैक्सों पर धान खरीद में अनियमितता, सीएमआर की आपूर्ति नहीं करने आदि को लेकर करोड़ों रुपये गबन का आरोप है. विभाग के द्वारा ऐसे पैक्सों को डिफॉल्टर घोषित करते हुए बकाया राशि की वसूली के लिए विभागीय प्रक्रिया भी अपनायी गयी है. इसके अलावा 20212-13 से 16-17 तक दर्जनों पैक्सों पर करोड़ों रुपये का बकाया है. बताया जा रहा है कि इन पैक्सों के द्वारा धान खरीद के लिए दी गयी सीसी का गलत इस्तेमाल कर लिया गया है. खास यह भी कि इनमें से अधिकतर पैक्स वैसे हैं, जहां अब नयी कार्यकारिणी चयनित होकर आ गयी है. नयी कार्यकारिणी के द्वारा धान खरीद की जा रही है. विभाग के द्वारा गबन की गयी राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र, सरचार्ज व आवार्ड वाद की प्रक्रिया अपनायी गयी है. सभी पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इसमें कईयों का मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है.

कहते हैं अधिकारी

जिले के किसानों से धान खरीद के लिए विभाग कृत संकल्पित है. बैंक के राशि गबन करने का मामले में विभागीय कार्रवाई की गयी है. डिफॉल्टर समिति पर बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1935 की धारा 40 के तहत वाद दायर किया गया है. नामित पैक्सों पर धारा 141 के तहत समस्त प्रबंध कार्यकारिणी को निलंबित करते हुए अगले पांच साल तक के लिए चुनाव से वंचित कर दिया गया है.

जैनूल आवदीन, जिला सहकारिता पदाधिकारी, बांका

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By SHUBHASH BAIDYA

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