Banka Success Story : शंभुगंज प्रखंड के कदराचक गांव निवासी स्वर्गीय अंतेर्यामी ठाकुर और नीलम ठाकुर की पुत्री अभिलाषा ठाकुर आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन कर रही हैं. वर्तमान में वह एशिया-अफ्रीका चैंबर ऑफ कॉमर्स की चेयरपर्सन और इंडिडिजिक्स की संस्थापक हैं. उनके नेतृत्व में 3,500 से अधिक कंपनियों का वैश्विक नेटवर्क विभिन्न देशों में सक्रिय है, जो भारत के साथ व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है.
बिहार में निवेश और रोजगार बढ़ाना है लक्ष्य
अभिलाषा ठाकुर का कहना है कि उनका प्रमुख उद्देश्य बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना, उद्योगों को प्रोत्साहित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है. वह किसानों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण युवाओं को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में भी लगातार काम कर रही हैं. उनका मानना है कि आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं.
'विकास की नई दौड़, गांव की ओर' अभियान से जोड़ रहीं किसान
ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए अभिलाषा ठाकुर ने हाल ही में पटना में "विकास की नई दौड़, गांव की ओर" विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं, निवेश, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई. कार्यक्रम में किसानों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विचार साझा किए.
'बिहार के विकास में देना चाहती हूं योगदान'
अभिलाषा ठाकुर का कहना है कि एक बिहारी होने के नाते उनका हमेशा प्रयास रहेगा कि वह अपने राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं और युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन करें. उनके अनुसार "विकास की नई दौड़, गांव की ओर" केवल एक अभियान नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सार्थक पहल है. उनका मानना है कि जब गांव सशक्त होंगे, किसान समृद्ध होंगे और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, तभी बिहार और देश नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा.
