भारत सरकार के अध्यादेश के बाद देना होगा वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र
बांका : व्यावसायिक वाहन मालिकों को एक बड़ा झटका भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है. जो भी व्यवसायिक वाहन है उनका फिटनेस प्रमाण-पत्र आवश्यक है. फिटनेस प्रमाण-पत्र वैद्य नहीं रहने की स्थिति में वाहन का निबंधन रद्द माना जायेगा. साथ ही जांच के क्रम में फिटनेस प्रमाण-पत्र फेल वाहनों से फिटनेस फी के अलावा 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी विभाग द्वारा वसूला जायेगा. फिटनेस प्रमाण-पत्र फेल रहने की वजह से निबंधन भी फेल माना जाता है.
ऐसी परिस्थिति में यदि व्यवसायिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो बीमा कंपनी के द्वारा वाहन मालिक को वाहन में हुए क्षति का भुगतान नहीं किया जाता ना ही वाहन से दब कर मरने वाले व्यक्तियों को बीमा कंपनी किसी भी प्रकार की मुआवजा देती है. जिसका मुआवजा भी वाहन मालिक को ही देना होता है. इस तरह फिटनेस फेल रहने से वाहन मालिक सहित सभी लोगों को सिर्फ नुकसान ही नुकसान है. जिला परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर में वर्तमान समय में करीब दस हजार से ज्यादा व्यवसायिक वाहन निबंधित है. विगत 29 दिसंबर 2016 से ही फिटनेस प्रमाण-पत्र फेल रहने पर जुर्माना वसूला जा रहा है.
क्षमता के अनुसार ही सामान लेकर चलें
व्यावसायिक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र फेल रहने पर वाहन मालिक को भारत सरकार द्वारा तय अर्थदंड तो देना ही होगा. साथ ही उन्हें अनावश्यक कार्यालय का चक्कर भी लगाना पड़ेगा.
इसलिए समय रहते फिटनेस प्रमाण-पत्र वाहन मालिक नवीकरण करा लें. वहीं जिले भर में बहुत सारे ट्रैक्टर व अन्य वाहन बिना निबंधन के ही चल रहे हैं वो अपने वाहन को निबंधित कराकर निबंधन नंबर गाड़ी पर लगावें. अन्यथा पकड़े जाने पर भारी जुर्माना वसूला जायेगा. साथ ही व्यावसायिक वाहन के मालिकों को कहा गया है कि वो अपने वाहन पर क्षमता के अनुसार ही समान लेकर चलें. क्षमता से अधिक समान लेकर चलने पर जांच में पकड़ाये वाहन से मोटर वाहन एक्ट के अनुरूप जुर्माना वसूला जायेगा.
केके त्रिपाठी. मोटर यान नियंत्रक, बांका
