शहरी आवास योजना लक्ष्य से काफी पीछे
बांका : केंद्र की सरकार ने 2019 तक शहरी क्षेत्र के आवासविहीन लोगों को भी आवास योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इसको लेकर शहरी क्षेत्र में आवंटन भी प्राप्त हो गयी है. इसी कड़ी में 22 वार्डो वाली बांका नगर पंचायत में भी वर्ष 2016-17 में आवास योजना के लिए 200 यूनिट का […]
बांका : केंद्र की सरकार ने 2019 तक शहरी क्षेत्र के आवासविहीन लोगों को भी आवास योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इसको लेकर शहरी क्षेत्र में आवंटन भी प्राप्त हो गयी है. इसी कड़ी में 22 वार्डो वाली बांका नगर पंचायत में भी वर्ष 2016-17 में आवास योजना के लिए 200 यूनिट का आवंटन प्राप्त हुआ है. लेकिन आवंटन के विरूद्ध आवास योजना को धरातल पर उतारने में नगर पंचायत लक्ष्य से काफी पीछे चल रहें है. इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभुक को 2 लाख की राशि प्राप्त होनी है.
इस योजना का लाभ 2011 के समाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर आवासविहीन लाभुकों को दिया जाना है. जो आवास योजना अतिआधुनिक होगा. जिसमें दो कमरा, एक बरामदा, एक शौचालय व बाथरूम आदि भी मौजूद रहेंगे. इस योजना के अंतर्गत लाभुकों को तीन चरण में विभाग के द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाता में सीधे भुगतान होगी. इस योजना में केंद्र सरकार के द्वारा 75 प्रतिशत एवं राज्य सरकार के द्वारा 25 प्रतिशत राशि देय है.
लक्ष्य के विरुद्व कितना बना है मकान. बांका नगर पंचायत को विगत चार माह पूर्व में ही 200 यूनिट की करीब 3 करोड़ रूपया प्राप्त हो चुकी है. लेकिन विभाग के उदासीन रवैये के कारण अब तक मात्र 46 आवास निर्माणाधीन है. एक भी मकान पूर्ण नहीं हो पाया है. ऐसे में नगर पंचायत लक्ष्य से काफी पीछे है. कई लाभुकों का कहना है कि कागजी प्रक्रिया लंबी व लेटलतिफी है. जिससे आवास निर्माण के कार्य को गति नहीं मिल सकी है. साथ ही प्रचार-प्रसार के आभाव में कई जरूरतमंद लाभुक इस योजना का लाभ लेने से अभी तक वंचित है.
कहते हैं अधिकारी . इस संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी बीके तरूण ने बताया है कि आवास योजना की प्रक्रिया चालू है. इस योजना के तहत लाभुक द्वारा ससमय जमीन के कागजात सहित अन्य कागजात उपलब्ध नहीं कराने को लेकर योजना में गति नहीं आ सकी है. फिर भी विभाग के द्वारा लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जायेगा.