सूइया दुर्गा मंदिर में भागवत कथा में उमड़ रही भीड़
श्रीमद्भागवत प्रचार संघ वृंदावन के यदुकुल आचार्य पंडित रामवतार शुक्ला राजगुरु के गाये भजन पर झूमे श्रद्धालु
कटोरिया : मानव का सबसे बड़ा दुश्मन उसके भीतर बैठा अहंकार है. मनुष्य के जीवन का लक्ष्य मुक्ति है. अन्यथा चौरासी चक्र के पुन: बंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. मनुष्य को कण-कण का और क्षण-क्षण का सदुपयोग करना चाहिए. इसी से मानव जीवन की सार्थकता है. कृष्ण प्रेम को समझने के लिए भागवत कथा सुनना अति आवश्यक है. प्रेम के बिना तो जीवन ही नीरस है.
उक्त बातें शनिवार को सूईया दुर्गा मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीमद्भागवत प्रचार संघ वृंदावन के यदुकुल आचार्य पंडित रामवतार शुक्ला राजगुरु ने कही. उन्होंने बताया कि गिरिराज पूजन के समय ग्वाल बालों एवं ब्रजवासियों ने मिल कर भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग व 36 व्यंजनों से नैवेद्य किया, भोग लगाया. उस समय से भारतीय परंपरा के अंतर्गत भगवान के लिए भक्त लोग भागवत कथा में लक्ष्मी-नारायण का भोग लगा कर अपने जीवन में भोगों की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. इस क्रम में प्रस्तुत भजन ‘छोटी-छोटी गईया, छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल’ पर श्रद्धालु झूमने लगे. साथ ही भजन ‘श्री गोवर्द्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहो’ भी काफी सराहनीय रहा. भागवत कथा कार्यक्रम के आयोजन में पूर्व जिला पार्षद मीठन यादव, पूर्व मुखिया ब्रम्हानंद दास, संजय वर्णवाल, गंगाधर पांडेय, रमेश दास, मुकेश भारती, मनोज भगत, विवेकानंद सिंह, परमेश्वर दास, अरविंद यादव, काकू गुप्ता आदि सहयोग कर रहे हैं. कथा के अंत में आरती की गयी. फिर श्रद्धालुओं के बीच ठाकुरजी को भोग लगा कर महाप्रसाद का वितरण किया गया.
