बांका शहर जाम से हलकान है. शहर में 15 दिनों के अंदर दो बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, लेकिन एक बार फिर शहर की सड़कों पर अतिक्रमण दिखने लगा है. इससे शहरवासी जाम से परेशान हो रहे हैं.
बांका : बांका नगर पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिलने की घोषणा हो चुकी है. बावजूद यह शहर जाम से हलकान व परेशान हैं. विगत एक पखवारा में शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान अंचलाधिकारी की देखरेख में दो बार चलाया गया. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बांका में निश्चय यात्रा भी हुआ. शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का यह भी एक कारण था. लेकिन एक पखवारा अभी ठीक से बीता भी नहीं है कि पुन: शहरवासी व स्थानीय दुकानदारों ने रोड को अतिक्रमण करना शुरू कर दिया. इससे शहर एक बार फिर जाम की चपेट में आ गया है.
कार्रवाई करने पर जाम से होगी मुक्ति: जिला प्रशासन के द्वारा आये दिन शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाता है. लेकिन अतिक्रमण मुक्त कराने के कुछ दिन बाद से ही पुन: स्थानीय दुकानदारों एवं फुटकर विक्रेताओं के द्वारा अतिक्रमण कर लिया जाता है. जिला प्रशासन जब वैसे दुकानदारों को चिह्नित कर कार्रवाई जब तक नहीं करेगी तब तक शहरवासियों को इसी प्रकार प्रतिदिन जाम से जूझना पडेगा.
कहते हैं फुटकर विक्रेता: शहर के सड़कों पर छोटे मोटे दुकान लगाने वाले फुटकर विक्रेताओं ने कहा कि अपने परिवार के भरण पोषण के लिए सड़क के किनारे बैठ सब्जी व अन्य सामानों को बेच परिवार चलाते हैं लेकिन आये दिन प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा उनके दुकानों को तोड़फोड दिया जाता है इस पर फुटकर दुकानदार कहते हैं कि उन्हें स्थायी दुकान चलाने के लिए प्रशासन द्वारा शहर में जगह उपलब्ध कराएं. ताकि फुटकर विक्रेताओं के रोजी रोटी पर असर न पड़े.
दिन भर लगा रहा जाम
सोमवार को दिन के करीब 11 बजे शिवाजी चौंक पर जो जाम लगा वह करीब तीन घंटे तक शहरवासी जाम में ऐसे फंसे थे मानों वो रैंग रहे हो जाम इतना लंबा हो गया कि एक छोर पुरानी बस स्टैंड के समीप एवं दूसरा छोर जमुआ जोर को पार गया. वहीं अलीगंज जाने वाली रोड भी एमआरडी स्कूल के मोड़ तक जाम से पट गया. जाम की वजह से पैदल चलने वाले राहगीरों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा. जाम की वजह से बहुत सारे कर्मी कार्यालय देर से पहुंचे एवं स्कूल से बच्चों की छुट्टी होने के बाद उनकी वाहन जाम में फंसे रहे. जिससे बच्चें बस में कैद हो गये थे.
तमाशबीन रही यातायात पुलिस
यातायात कंट्रोल के लिए शहर के शिवाजी चौंक पर दो पुलिसकर्मी की तैनाती यातायात पदाधिकारी के द्वारा की गयी है. लेकिन उनकी थोड़ी सी लापरवाही जाम को आमंत्रित कर देता है. जिससे आम शहरवासियों से लेकर मार्केंटिग करने आये लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है. शिवाजी चौंक पर जाम का मुख्य कारण स्थानीय दुकानदारों के द्वारा अपने दुकान के आगे करीब चार फीट तक अतिक्रमण करना है. जिससे यह समस्या उत्पन्न होती है.
