अब शराब की दुकानों में बिक रहे दूध-दही

बदलाव. अब शाम को नहीं होती झिक-झिक, घर में है शांति, आमदनी कम होने के बाद भी खुश हैं कई शराब कारोबारी बांका : जिले में शराब बंदी के बाद शराब कारोबारियों के जीवन व उनके कारोबार में काफी बदलाव आया है. जिले में करीब 54 देसी-विदेशी व कंपोजिट शराब के लाइसेंसी दुकानें खुली थीं. […]

बदलाव. अब शाम को नहीं होती झिक-झिक, घर में है शांति, आमदनी कम होने के बाद भी खुश हैं कई शराब कारोबारी

बांका : जिले में शराब बंदी के बाद शराब कारोबारियों के जीवन व उनके कारोबार में काफी बदलाव आया है. जिले में करीब 54 देसी-विदेशी व कंपोजिट शराब के लाइसेंसी दुकानें खुली थीं. इसमें 42 लाइसेंसी दुकान कार्यरत थीं. एक अप्रैल से शराब बंदी की घोषणा के बाद सभी लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद हो गयीं. शराब का कारोबार करने वाले कई दुकानदारों ने शराब की दुकानों में मेडिकल स्टोर, पतंजलि प्रोडक्टस, सैलून, सीमेंट व छड़-छर्री की दुकानें, दूध की दुकानें व नास्ता आदि की दुकान खुल गयी हैं.
वहीं शराब के कारोबारी शराब बंदी के बाद कई छोटे-छोटे धंधे व रोजगार में जुट गये हैं व कोई संवेदक व शिक्षक भी बन गये हैं. साथ ही विभिन्न प्रखंडों की शराब दुकानें व शहर स्थित ककवारा मार्केट में शराब की दुकान बंद पड़ी हुई हैं. शराब की दुकान में काम कर रहे कई कर्मी खेती कार्य से जुड़ गये हैं, तो कुछ अब भी बेरोजगार बैठे हुए हैं.
शराब की दुकान में काम करनेवाले कर्मी खेती, पछलीपालन, डेयरी फॉर्म के काम में लग गये हैं
जो हाथ पहले शराब की बोतल को ग्राहकों को पकड़ाने का काम करता था, अब वह बोतल में दूध भरने का काम कर रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >