मंदार महोत्सव . श्रद्धालुओं के लिए नहीं की गयी है कोई व्यवस्था
मंदार महोत्सव को लेकर तैयारी की गयी है. लेकिन, यहां देखने पर लगता है कि व्यवस्थाएं नकाफी हैं. नहीं तो सफाधर्मावलंबियों को आकाश के नीचे इस सर्दी में नहीं रहना पड़ता.
बौंसी : मंदार में सफाधर्मावलंबियों का आना शुरू हो गया है. मंगलवार को पर्वत तराई में बने सफाधर्म मंदिर में सफाधर्म के श्रद्धालुओं ने पूजा की. अगले तीन दिनों तक मंदार प्रवास को आये सफाधर्मियों से मंदार पर्वत पूरी तरह से भर जायेगा. उनके लिए अभी तक प्रशासन के द्वारा कोई खास तैयारी नहीं की गयी है जिससे वे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. इस कड़कड़ाती ठंड में जिला प्रशासन के द्वारा उनके लिए अलाव की व्यवस्था भी नहीं की गयी है. मंदार पर्वत तराई में अवस्थित सफाधर्म मंदिर के सामने ठहरे सफा धर्म को मानने वाले श्रद्घालुओं ने पवित्र पापहरणी सरोवर में स्नान कर अपने –
अपने गुरुओं के सानिध्य में पूजा अर्चना की. सबसे पहले मंदार पर्वत को स्पर्स कर वंदना की. पारंपरिक तरीके से मंदार पर्वत की पूजा कर उसके बाद पर्वत का आरोहन किया. सफाधर्म की स्थापना स्वामी चंदर दास ने 1940 में की थी. वे मंदार के निकट सबलपुर गांव के रहने वाले थे. धर्म का प्रचार प्रसार स्वामी चंदर दास कर रहे थे. 1972 में 25वां अधिवेशन भी स्वामी जी के नेतृत्व में हुआ और इसी वर्ष इनका निधन हो गया. तबसे यह ट्रस्ट के माध्यम से संचालित होने लगा. सफाधर्म का आचार्य का पद स्वामी दु:खन बाबा को दिया गया. सफाधर्मावलंबी आज से आकर 12 जनवरी को मंदार पापहरणी स्नान, पर्वत वंदना एवं परिक्रमा करते हैं. इसके बाद 13 जनवरी से ही वे वापस अपने घरों को लौट जाते हैं. इस अवसर पर सफाधर्म मंदिर में अधिवेशन होता है. साधु संतों का समागम के साथ प्रवचन का कार्यक्रम होता है. मंदार को इसलिए बहुधर्म संगम स्थल कहा जाता है.
इंद्रधनुषी रंग से रंगाया जा रहा मंदार पर्वत की सीढ़ी. मंदार में पर्यटकों व सैलानियों को आकर्षित करने एवं पर्वत की सीढ़ियों को संरक्षित करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा उन्हें इंद्रधनुषी रंग से रंगा जा रहा है. जिला पर्यटन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सीढ़ियों के टूटे टाईल्स को बदला जा रहा है. साथ ही सात अलग – अलग रंगों से पर्वत तराई से लेकर नरसिंह भगवान मंदिर तक बने सीढ़ियों को रंगा जा रहा हैं. वहीं पत्थर के बने सीढ़ियों को भी सात अलग – अलग रंगों से रंगा जायेगा. उन्होंने बताया कि 13 जनवरी तक इस कार्य को पूर्ण करा लिया जायेगा. वहीं सीढ़ियों के बगल के रेलिंग को भी आकर्षक रंगों से रंगने के बाद उनपर रेडियम पट्टी भी लगायी जायेगी. जिसकी वजह से रात में भी रेलिंग का पता सैलानियों को लग सकेगा. जानकारी हो कि पर्यटन विभाग द्वारा मंदार पर्वत एवं पापहरणी सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए कई कार्य किये जा रहे हैं.
पापहरणी में स्नान करते सफाधर्मावलंबी व मेला परिसर में लगा सर्कस.
