बांका : जिले के एेतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर मंदार पर्वत पर रोप-वे निर्माण दो वर्ष से अधर में है. मंदार पर्वत पर रोपवे बनाने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा करीब एक दशक से की जा रही थी. जिसको लेकर सूबे के तत्कालीन पर्यटन मंत्री जावेद इकबाल अंसारी ने अपने प्रयास से मंदार में रोपवे के लिए आठ करोड़ की राशि का आवंटन कराया था और 21 जनवरी 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंदार आकर रोपवे निर्माण का शिलान्यास भी कर दिया था.
मंदार रोप-वे का निर्माण प्रशासन की चुनौती
बांका : जिले के एेतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर मंदार पर्वत पर रोप-वे निर्माण दो वर्ष से अधर में है. मंदार पर्वत पर रोपवे बनाने की मांग क्षेत्रीय लोगों द्वारा करीब एक दशक से की जा रही थी. जिसको लेकर सूबे के तत्कालीन पर्यटन मंत्री जावेद इकबाल अंसारी ने अपने प्रयास से मंदार में रोपवे के […]

इसके बाद लोगों को लगने लगा था कि अब मंदार में रोपवे का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा. लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. विभागीय जानकारी के अनुसार मंदार पर्वत पर रोपवे निर्माण के लिए स्वीकृति आदेश के बाद टेंडर भी निकाल दिया गया है. जिस निर्माण कार्य का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी राइट्स को दिया गया है. बावजूद आज तक रोपवे निर्माण में कोई भी कार्य नहीं किया गया है. जिला प्रशासन के लिए मंदार पर्वत पर रोपवे निर्माण कार्य कराना एक चुनौती बना हुआ है. कई बार जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में विभाग को भी पत्र दिया गया है. लेकिन कहानी वहीं की वहीं बनी हुई है.
मालूम हो कि मंदार पर्वत शिखर पर जैन, सफा व हिंदू धर्मावलंबी का दर्जनों तीर्थ स्थल है. जहां सालों भर पर्यटकों का आना – जाना लगा रहता है. रोपवे निर्माण नहीं होने के कारण कई बुजुर्ग व महिलाएं पर्वत पर चढ़ाई नहीं कर पाते हैं. जिसके कारण विभिन्न धर्मों के धमार्वलंबी अपने इष्ट देवताओं का दर्शन नहीं कर पाते हैं.