ऑटो चालक की मनमानी से जाम

परेशानी . शहर के व्यस्ततम शिवाजी चौक पर ही वाहन रोक बैठाते हैं पैसेंजर शिवाजी चौके के समीप से दिनभर ऑटो की तीन-चार कतार लगी रहती है. यह सिलसिला दिनभर चलता है और जाम भी कमोबेश दिन भर लगता रहता है. बांका : शहर के व्यस्ततम शिवाजी चौक के समीप हजरत दाता हयात शाह के […]

परेशानी . शहर के व्यस्ततम शिवाजी चौक पर ही वाहन रोक बैठाते हैं पैसेंजर

शिवाजी चौके के समीप से दिनभर ऑटो की तीन-चार कतार लगी रहती है. यह सिलसिला दिनभर चलता है और जाम भी कमोबेश दिन भर लगता रहता है.
बांका : शहर के व्यस्ततम शिवाजी चौक के समीप हजरत दाता हयात शाह के मजार के बगल में ऑटो चालकों के द्वारा अपनी वाहन को खड़ा कर पैसेंजर बैठाने से दिनों भर बाजार में जाम लगा रहता है. जिसे देखने वाला ना ही परिवहन विभाग है और ना ही ट्रैफिक पुलिस. शिवाजी चौक से महज सौ मीटर की दूरी पर बांका-ढाकामोड़ मुख्य मार्ग में ऑटो चालक दिनों भर अपनी मनमानी करते हुए ऑटो को वहां से खोलते हैं. वहां पर रोड काफी संकीर्ण होने की वजह से यदि दोनों ओर से चार पहिया वाहन या स्कूल बस आ जाये
तो जाम लगना तय हो जाता है. जाम लगने के बाद भी जब लोगों के द्वारा ऑटो चालक को ऑटो को आगे बढ़ाने के लिए कहा जाता है तो भी वो अपने वाहन को वहां से नहीं हटाते. जमा लगा हुआ है लेकिन उन्हें इस बात का फिक्र नहीं है कि अपनी वाहन को वहां से निकाल ले जिससे जाम समाप्त हो जाय. ज्ञात हो कि शिवाजी चौक से महज 500 मीटर की दूरी पर सरकारी बस पड़ाव है जहां पर ऑटो चालक एवं चार पहिया सवारी गाड़ी के चालकों ने अपना कब्जा कर रखा है. बावजूद इसके ऑटो चालक शिवाजी चौके के समीप से ऑटो को खोलते हैं.
नहीं है प्रशासन का डर
ऑटो स्टैंड की बजाय शिवाजी चौके के समीप से दिनों भर ऑटो चालक अपनी ऑटो को खड़ा कर पैसेंजर को बैठाते है और सवारी से गाड़ी भर जाने के बाद ही ऑटो को खोलते हैं. जिसके बाद दूसरा ऑटो गाड़ी को खड़ा कर वहां से खोलते हैं. इस प्रकार करीब तीन-चार ऑटो कतारबद्ध गाड़ी को खड़ा कर पैसेंजर को बैठाता है. यह सिलसिला निरंतर प्रतिदिन दिनों भर चलता रहता है और जाम भी कमोवेश दिनों भर ऑटो लगाने की वजह से लगता रहता है.
शिवाजी चौक पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए ट्रैफिक पुलिस का जवान तैनात रहता है. लेकिन महज सौ कदम की दूरी पर ऑटो खड़ा करने वाले चालकों के उपर उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है. इसके अलावा शिवाजी चौक से होकर गुजरने वाले पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी की वाहन भी दिनों भर गुजरती है लेकिन उनका इस ओर ध्यान नहीं जाता है. जिसका खामियाजा भुगताना आम आदमी को दिनों भर पड़ता है.
शिवाजी चौक के समीप मुख्य सड़क पर लगा वाहन.
शहरवासियों की नियति बनी जाम
ऑटो चालकों की मनमानी की वजह से शहरवासी के रोजमर्रा में आ चुका है जाम. उन्हें अब एहसास हीं शायद नहीं होने लगा है कि जाम में फंसना है. उन्हें पता है कि दिन के किसी भी समय में शिवाजी चौक से गुजरेंगे तो उन्हें जाम से निपटना ही है. वहीं जाम की वजह से कई मरीजों की जिंदगी भी चली गयी है. जिसे देखने वाला ना तो कोई जनप्रतिनिधि है और ना ही आलाधिकारी. बौंसी, बाराहाट, रजौन आदि के रेफरल व पीएससी से बेहतर इलाज के लिए मरीजों को जब बांका सदर अस्पताल रेफर किया जाता है और वो बांका के शिवाजी चौंक पर जाम में फंस जाता है तो उनकी जान बचेगी या नहीं यह भगवान भरोसे हैं. जान कितनी देर का होगा यह कोई नहीं बता सकता है.
जाम हटाने को ले जल्द ही की जायेगी ठोस कार्रवाई
शिवाजी चौंक के समीप ऑटो से जाम लगता है इसकी सूचना पूर्व से मिली हुई है. जिसको लेकर सीआईटी के जवान दिनों भर मोटरसाइकिल से भ्रमण कर हटाते रहते हैं. साथ ही वैसे ऑटो चालक जो लगातार वाहनों को शिवाजी चौक के समीप से खोलते हैं उन्हीं पकड़कर जुर्माना भी किया गया है. जल्द ही इस ओर कोई ठोस कार्रवाई की जायेगी.
लक्ष्मण राम, यातायात प्रभारी, बांका

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