विवाद . शहीद वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा हटाने के मामले में आया नया मोड़
शहिद वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा की स्थापना को लेकर हो रहे विवाद ने बुधवार को एक नया मोड़ ले लिया. अब दूसरा गुट आज धरना-प्रदर्शन करेगा.
बांका : पिछले चार दिनों से शहीद वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा की स्थापना को लेकर चल रहीं विवाद में बुधवार को एक नया मोड़ ले लिया है. इस मामले में एक साथ संघर्ष करने वाले लोग अब दो गुटों में विभक्त होते दिखाई दे रहें है. एक पक्ष के अनुसार बुधवार की देर शाम में एक बड़ी पहल के बाद मामला का पटाक्षेप कर दिया गया है. इसको लेकर स्थानीय विजयनगर पेट्रोल पंप पर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, दी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक भागलपुर के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष विकास सिंह, माधवचंद्र दास व वर्तमान में जमीन के रैयतदार के बीच एक बैठक आयोजित हुई.
बैठक में मौजूद लोगों द्वारा रैयतदार से वीर कुंवर सिंह छात्रावास में पुन: ससम्मान व समारोहपूर्वक महान विभूति वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा को स्थापित करने की अपील की गयी. जिसमें रैयतदार ने इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार कर लिया है. इस संबंध में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशुतोष कुमार सिंह व जितेंद्र सिंह ने बताया है कि अब वीर शहीद की प्रतिमा पुन: वीर कुंवर सिंह छात्रावास में रैयतदार के जमीन पर मुख्य सड़क के किनारे भव्य तरीके से पूर्नस्थापित की जायेगी. प्रतिमा के पूर्नस्थापन का सारा खर्च स्वयं रैयतदार ही वहन करेंगे और इस छात्रावास का नाम बदलकर एक नया नामांकरण कर दिया गया है. अब यह स्थल बाबु वीर कुंवर सिंह कम्पलेक्स के नाम से जाना जायेगा. आगे दोनों नेताओं ने कहा है कि अब इस मामले में कुछ नहीं बचा है. सभी लोग वीर शहीद की प्रतिमा को पुराने जगह पर स्थापित करना चाहते थे. जिसे वर्तमान रैयतदार ने मान लिया है. अब भी अगर इस मामले में कोई राजनीति होती है तो वह निंदनीय है.
उधर इस मामले में दूसरे गुट के लोग अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए है. राष्ट्रीय धरोहर की प्रतिमा की चोरी का थाना में आवेदन देने वाले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह का कहना है कि गुरूवार को समाहरणालय परिसर पर प्रस्तावित सर्वदलिय धरना व प्रदर्शन जारी रहेगा. इस प्रदर्शन में जिले भर के देशप्रेमी, बुद्विजीवी, समाजसेवी व जनप्रतिनिध भारी संख्या में शरीक होंगे. आगे उन्होंने कहा है कि जब तक वर्तमान रैयतदार द्वारा उक्त जमीन का निबंधन वीर कुंवर सिंह स्मारक समिति के नाम नहीं कर दिया जाता है तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा. साथ ही उन्होंने कहा है कि वर्तमान रैयतदार के पूर्व जमीन के मालिक स्व. रत्नाकर शर्मा द्वारा उक्त भूखंड को शहीद वीर कुंवर सिंह समिति के नाम से निबंधित करने के लिए एक एकरारनामा किया था. उस एकरारनामा के अनुसार स्मारक समिति को यह जमीन निबंधित करना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जबकि 32 वर्षो से अधिक दिनों से वहां स्थापित शहीद की प्रतिमा असमाजिक तत्वों द्वारा जबरन हटा दिया गया है. इसके लिए प्रशासन से कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफतारी की मांग की गयी है. इसको लेकर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन जारी रहेगी. आगे उन्होंने कहा कि मामले की पटाक्षेप होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. साथ ही आम शहरी से धरना व प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की गयी है.
क्या कहते हैं एसडीओ . शहीद वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा के विवाद के मामले में एसडीओ अविनाश कुमार ने बताया है कि उक्त भूखंड पर के मालिकाना हक के लिए दोनों पक्षकारों से जमीन की कागजात की मांग की गयी है. जमीन के कागजात की जांच के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी.
