एनएच का विस्तार . शेखपुरा से बांका तक 198 किमी बनेगी फोर लेन सड़क
एनएच के विस्तारीकरण को लेकर नापी के साथ सर्वेक्षण कार्य गुरुवार से शुरू होगा. यह सड़क शेखपुरा जिला के बरबीघा से शुरू होकर बांका जिले के पंजवारा तक बनेगी. इसका नाम एनएच 333 ए होगा.
बांका/झाझा : एनएच का विस्तारीकरण बरबीघा से लेकर बांका पंजवारा तक किया जायेगा. यह सड़क झाझा मुख्य बाजार या बाइपास होकर निकाली जायेगी. इसके लिए प्रथम फेज का सर्वे व मापी गुरुवार से होगा. उक्त बातें एनएच 333 के सहायक अभियंता एनएन गुप्ता ने झाझा नगर पंचायत कर्मियों व सदस्यों के साथ नगर कार्यालय में बैठक के दौरान कही. उन्होंने क्षेत्र वासियों से साफ शब्दों में कहा कि यह प्रथम फेज का सर्वे है. सड़क बनने के दौरान किसी की मकान या दुकान को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंचायी जायेगी.
सर्वे कराने का मुख्य उद्देश्य आंकड़ा संगृहीत कर उच्चाधिकारियों को भेजना है. फोर लेन सड़क मुख्य बाजार होकर जाएगी या बायपास निकाला जायेगा. इसका निर्णय सर्वे के बाद लिया जायेगा. उन्होंने सर्वे कार्य में नगर वासियों से सहयोग की भी अपील की. एसडीओ ने बताया कि इस सड़क का नाम एनएच 333 ए होगा. शहर के अंदर सड़क की चौड़ाई 12 मीटर की होगी, जबकि जहां नाला रहेगा वहां की चौड़ाई 15 मीटर की होगी. शहर के बाहर सड़क की चौड़ाई 30 मीटर की होगी.
मौके पर उपस्थित पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संजय सिन्हा, मुरारी प्रसाद, भवनेश त्रिवेदी, साधु केशरी आदि ने जानना चाहा कि यदि मुख्य बाजार होकर सड़क बनेगी तो उसकी चौड़ाई कितनी होगी. जवाब में एसडीओ ने बताया कि शहर के अंदर टू लेन व शहर के बाहर फोर लेन की सड़क रहेगी. फोर लेन सड़क की चौड़ाई 30 मीटर की होगी. उन्होंने बताया कि हमलोगों को बरबीघा से लेकर बांका पंजवारा तक 198 किलोमीटर सड़क का नापी व सर्वे कर उच्चाधिकारियों को भेजना है.
सर्वे का आकलन कर सड़क की मंजूरी दी जायेगी. बैठक में नप अध्यक्ष मोहन पासवान, समाज सेवी इत्तु झा, लाता भारती, भाजपा नगर प्रवक्ता विजय अग्रहरी, सज्जाद अंसारी आदि मौजूद थे.
इस होकर गुजरेगी फोर लेन सड़क : बरबीघा, शेखपुरा, सिकंदरा, महादेव सिमरिया, जमुई, खैरा, मांगो बन्दर, सोनो, पेलवाजन, भीठरा, झाझा कर्पूरी चौक, गांधी चौक, मुख्य बाजार, स्टेशन चौक, शक्ति घाट, सिमुलतला, कटोरिया, बांका, पंजवारा
टूटेगा मकान, तो मिलेगा मुआवजा : यदि फोर लेन मुख्य बाजार होकर बनेगी या बायपास निकलेगी. तो नापी के दौरान जिनकी जमीन जायेगी. उन्हें जमीन की वास्तविक कीमत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी. यदि जमीन के साथ मकान जायेगी तो मकान में लगी लागत की कीमत दी जायेगी और यदि कोई सरकारी जमीन को दखल कर मकान-दुकान बनाया है तो उसे किसी तरह का कोई मुआवजा नहीं मिलेगा.
