बांका : बांका नगर पंचायत के कई मुहल्लों में आज भी नाला नहीं बन पाया है. इससे इन मुहल्लों के घरों से निकलने वाला पानी यूं ही सड़कों पर बहता है. इससे इन सड़कों पर आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यही नहीं जल जमाव की वजह से सड़कें भी टूट कर बिखर रही हैं. शहर की कई सड़कों की बदहाली की यह भी एक खास वजह है. मसलन आजाद चौक पुलिस लाईन की ओर जाने वाली सड़क, अनुमंडल अस्पताल के पीछे बाई पास सड़क आदि इसके उदाहरण हैं, जहां नाले का गंदगी भरा पानी यूं ही सड़क पर बहते देखा जा सकता है.
कूड़ेदान बन गये हैं शहर के नाले :
खास बात यह है कि शहर में हर वर्ष आने वाली विकास की राशि से नाले का भी निर्माण कराया जाता है. लेकिन निर्माण के बाद ये नाले किस हाल में हैं उन्हें देखने वाला कोई नहीं. ये नाले जल निकासी के लिए नहीं बल्कि कूड़ेदान के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं. फलस्वरूप देखते ही देखते नाला भर जाता है. और इनमें गिरने वाला पानी उबट कर सड़कों पर बहने लगता है.
समस्या का नहीं हो रहा कोई समाधान : स्थानीय नगर प्रशासन या तो इस स्थिति से बेखबर है या फिर बेफिक्र. स्थानीय निकाय प्रतिनिधि भी इस ओर समुचित ध्यान नहीं देते या फिर उनकी सुनी ही नहीं जाती.
कई बार इस समस्या के बारे में भुक्तभोगियों ने नगर प्रशासन को जानकारी भी दी लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई.
नागरिकों को झेलनी पड़ रही जिल्लत : लब्बोलुआब कि सड़कों पर बहते नाले के गंदे कीचड़मय पानी से होकर गुजरना शहर के नागरिकों की नियति बन चुकी है. अनदेखी चाहे नगर प्रशासन की हो या स्थानीय प्रतिनिधियों की, भोगना अन्तत: शहर के नागरिकों को ही पड़ता है.
