एमडीएम बंद रहने पर बच्चों को अब खाद्य सुरक्षा भत्ता
बांका : विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को बहाल करने के उद्देश्य से चलाये जा रहे सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मीड डे मिल में गुणात्मक सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा नयी नीति तैयार की गयी है. जिस दिन विद्यालयों में बच्चों को एमडीएम नहीं मिलेगा उस दिन का […]
बांका : विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को बहाल करने के उद्देश्य से चलाये जा रहे सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मीड डे मिल में गुणात्मक सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा नयी नीति तैयार की गयी है. जिस दिन विद्यालयों में बच्चों को एमडीएम नहीं मिलेगा उस दिन का बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता एवं प्रति छात्र चावल मात्रा के अनुसार दी जायेगी.
जिले भर के 1922 प्राथमिक एवं माध्यमिक सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यदि मध्याह्न भोजन किसी भी कारण से नहीं खिलाया जाता है तो मानव संसाधन विकास विभाग नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार खाद्य सुरक्षा भत्ता देय होगा. इसके लिए मध्याह्न भोजन योजना के प्रखंड साधन सेवी को जिला कार्यालय में प्रशिक्षण दिया जायेगा और ये साधन सेवी प्रखंडों में जाकर प्रखंड शिक्षा समिति एवं संकुल स्तर पर बैठक कर जिले के सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान को प्रशिक्षित करेंगे.
कितना मिलेगा खाद्य सुरक्षा भत्ता : वर्ग एक से पांच तक के प्राथमिक विद्यालयों में प्रति बच्चे 3.86 रुपया एवं 100 ग्राम चावल मिलेगा. वहीं वर्ग छह से आठ तक के बच्चों को 5.78 रुपया की दर से खाद्य सुरक्षा भत्ता मिलेगा साथ ही प्रति छात्र 150 ग्राम चावल भी देय होगा.
दोषी पाये जाने वाले कर्मी पर होगी कार्रवाई : जिले के किसी भी विद्यालय में एमडीएम बंद रहता है तो एमडीएम बंद रहने के कारणों का पता लगा कर इसमें दोषी पाये जाने वाले कर्मी, संवेदक एवं विद्यालय प्रधान के ऊपर कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा भत्ता जो बच्चों को देय होगा उनके वेतन की राशि से समायोजन किया जायेगा.
साथ ही जो भी सुरक्षा भत्ता की राशि होगी उसके भुगतान के लिए एक जांच कमेटी बनायी जायेगी और जांच कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट समर्पित करने के बाद ही खाद्य सुरक्षा भत्ता देय होगा. किसी भी प्रकार का दावा तुरंत मान्य नहीं होगा जब तक की इसकी जांच पूरी नहीं हो जाती.