मां काली की पूजा को लेकर सभी मंदिर व पूजा पंडाल सज धज कर तैयार – अमावस्या की तिथि पड़ने से मध्य रात्रि से ही होगी उनकी पूजा – पंडित सुबोध मिश्र ने पूजा-अर्चना व अराधना की शुभ मुहूर्त की दी जानकारी फोटो 10 बांका 8, 9 : शिवाजी चौक स्थित काली मंदिर एवं तारामंदिर स्थित काली मंदिर की तसवीर बांका : शहर के शिवाजी चौक स्थित मां काली मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है. काली पूजा को लेकर काली मंदिर समिति के लोग शांतिपूर्वक ढंग से पूजा को सफल बनाने के लिए कटिबद्ध है. बता दें कि शिवाजी चौंक स्थित काली मंदिर में वर्षों से मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही थी. विगत कुछ वर्ष पूर्व से मंदिर में पत्थर की प्रतिमा स्थापित की गयी है. काली मां की प्रतिमा अब नहीं बनायी जाती है साथ ही अन्य देवी देवताओं की मिट्टी से बने प्रतिमा को स्थापित की जाती है, जिसका विसर्जन पूजा-अर्चना के बाद विधि विधान से की जाती है. वहीं बांका देवदा रोड में ओढ़नी नदी तट स्थित तारामंदिर में भी मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है. यहां भी पूजा की तैयारी पूरी कर ली गयी है. मंदिर मो भव्य तरीके से सजाया गया है. तारामंदिर स्थित काली मंदिर को शक्ति पीठ का दर्जा दिया गया है जिससे यहां बलि दी जाती है. मंगलवार की मध्यरात्रि के बाद की जायेगी मां काली की पूजासाधक व काली भक्त मंगलवार की मध्य रात्रि 12 बजे के बाद से ही पूजा अर्चना में लग जायेंगे. इसकी जानकारी देते हुए पंडित सुबोध झा ने बताया कि मंगलवार की मध्य रात्रि 12 बजे के बाद से ही अमावस्या तिथि का प्रवेश हो जाता है और तांत्रिक भी अपनी सिद्धि के लिए मध्य रात्रि से ही पूजा अर्चना करेंगे. उन्होंने बताया कि मिथिला एवं कासी पंचांग के अनुसार यह पूजा सिद्ध होगी. वैसे तो कहा गया है कि जिसका उदय उसका अस्त यानि कहने का मतलब यह हुआ कि बुधवार की सुबह अमावस्या की तिथि पढ़ती है जो संध्या 8:44 बजे तक है. इसके बाद अमावस्या की तिथि समाप्त हो जाती है. यह शुभ मुहूर्त नहीं होता है इसलिए मां काली की पूजा मंगलवार की मध्य रात्रि से ही शुभ माना जाता है. लक्ष्मी-गणेश की पूजा की तैयारी प्रतिनिधि, बांकादीपावली के दिन लोग अपने घरों व व्यापारी अपने व्यापार संस्थान में मां लक्ष्मी व गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करते हैं. उनका मानना है कि इस पूजा से लक्ष्मी की वास होती है, धन की प्राप्ति होती है. पूरे वर्ष लक्ष्मी की प्राप्ति हो इनकी कृपा दृष्टि बनी रहे. इस सोच को लेकर लोग अराधना करते है. दुकानदार अनुपम गर्ग, राहुल डोकानियां, रंजीत यादव, विष्णु यादव, राजीव कुमार झा, बमबम झा, नवनीत कुमार, अशोक साह, अर्जुन साह सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि दीपावली के शुभ मुहूर्त में मा लक्ष्मी की अराधना शुभ व फलदायी होता है. ऐसी मान्यता है जिसको लेकर सभी इनकी अराधना करते हैं, ताकि इनकी कृपा दृष्टि बनी रहे. दीप पर्व पर विभिन्न मंदिरों का किया गया रंग रोगन दीपों का पर्व दीपावली को लेकर शहर स्थित विभिन्न मंदिरों को रंग रोगन के साथ रंग बिरंगे बल्वों से सजाया गया है. मालूम हो कि आज बुधवार को पुरानी परंपरा के अनुसार दीवाली पर्व को मनाया जायेगा. जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है. भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की जायेगी. इस पर्व में मां काली की अराधना की साथ ही लक्ष्मी गणेश की पूजा अर्चना की जाती है. भक्तगण ये समझते है कि पूजा अर्चना से ही लक्ष्मी आयेगी. इसलिए विभिन्न मंदिरों का रंग रोगन व सजावट की गयी है.
मां काली की पूजा को लेकर सभी मंदिर व पूजा पंडाल सज धज कर तैयार
मां काली की पूजा को लेकर सभी मंदिर व पूजा पंडाल सज धज कर तैयार – अमावस्या की तिथि पड़ने से मध्य रात्रि से ही होगी उनकी पूजा – पंडित सुबोध मिश्र ने पूजा-अर्चना व अराधना की शुभ मुहूर्त की दी जानकारी फोटो 10 बांका 8, 9 : शिवाजी चौक स्थित काली मंदिर एवं तारामंदिर […]
