बेलहरना जलाशय का फाटक किया बंद, किसानों में हाहाकार
बेलहर : प्रखंड अंतर्गत लगभग दर्जनों गांव के हजारों एकड़ धान की फसल के अंतिम पटवन के समय सिंचाई विभाग ने मनमानी करते हुए बेलहरना जलाशय का मुख्य फाटक बंद कर दिया. इससे किसानों में हाहाकार मच गया है. किसानों ने कहा कि एक तो इस वर्ष बारिश नहीं के बराबर हुई है.
किसी तरह बेलहरना जलाशय के पानी से धान की खेती कर सके. अब जब धान में बाली निकलने का समय आया है, तब सिंचाई विभाग ने मनमाने ढंग से जलाशय के मुख्य केनाल का फाटक बंद कर दिया है. इससे अंतिम समय में धान की फसल बरबाद होने लगी है. धान की बाली निकलने के समय पानी की अधिक खपत होती है.
वहीं विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जलाशय में पानी की कमी के कारण फाटक बंद कर दिया गया है. लेकिन किसानों का कहना है कि अभी जलाशय में चार से पांच फिट पानी है जो एक सप्ताह तक पानी दिये जाने से धान के फसल के लिए बहुत ही आवश्यक है.
इस जलाशय से घुटिया, चिगुलिया, बसमत्ता, निमहार, टेंगरा, कैराजोर, रंगमलिया, झुनका, लकड़ाजोर, बदला, उल्ही, गिद्धा आदि गांव के बहियार का पटवन किया जाता है. किसानों ने जिलाधिकारी से एक सप्ताह और जलाशय खुले रखने की मांग की है. ताकि धान की फसल बरबाद होने से बच सके.
