बौसी, बांका से संजीव पाठक की रिपोर्ट :
बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के हेचला गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया.16 साल पहले लापता हुए बेटे के नाम पर दो शातिर ठगों ने एक परिवार की भावनाओं के साथ ऐसा खेल खेला कि खुशियों का माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया. मंगलवार को सारंगी बजाने वाले साधु के वेश में दो युवक अचानक गांव पहुंचे और खुद को अजीम अंसारी का वर्षों पहले बिछड़ा बेटा सिकंदर अंसारी बताने लगे. लंबे समय बाद बेटे के लौटने की खबर सुनते ही परिवार भावुक हो उठा. मां-बाप ने दोनों को गले लगा लिया, वहीं गांव में भी यह खबर तेजी से फैल गई.लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया. हालांकि गांव वाले ने इस बात का पूरा विरोध भी किया था लेकिन लड़के की मां भावना में बह गई. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह भावनात्मक मिलन दरअसल एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था.भरोसा जीतकर की लाखों की ठगी
घर में जगह बनाने के बाद दोनों युवकों ने बीमारी, पैसों की जरूरत और अन्य बहाने बनाकर परिवार से धीरे-धीरे मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी. ठगों ने कहा कि यह पैसे अपने गुरु को देनी है जिसके बाद वह मुझे छोड़ेंगे. पीड़ित परिवार के अनुसार, ठगों ने दो बार फोन-पे के जरिए करीब 1 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए, जबकि लगभग 60 हजार रुपये नकद भी ले लिए.परिवार को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उनका बेटा वर्षों बाद वापस लौटा है और अब सबकुछ ठीक हो जाएगा. इसी भरोसे में परिवार ने बिना किसी जांच-पड़ताल के ठगों पर आंख मूंदकर विश्वास कर लिया.
सुबह होते ही बाइक और नकदी लेकर फरार
ठगी की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. रविवार सुबह मौका मिलते ही दोनों युवक घर से बाइक और नकदी लेकर फरार हो गए. जब तक परिवार को सच्चाई का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घटना के बाद परिवार सदमे में है. गांव के लोग भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और चर्चा कर रहे हैं कि ठगों ने इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी, उसकी भावनाओं को हथियार बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया.
पत्नी ने पहचानने से किया इनकार
जानकारी के अनुसार, हेचला गांव से निकलने के बाद दोनों युवक बंशीपुर गांव स्थित सिकंदर अंसारी की ससुराल भी पहुंचे. वहां उन्होंने सिकंदर की पत्नी रोशनी खातून से मिलने की कोशिश की.लेकिन रोशनी खातून ने उन्हें देखते ही साफ कह दिया कि वे उसके पति नहीं हैं. उसने दोनों को पहचानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ठग वहां से निकल गए.
16 साल पहले दिल्ली में हुआ था लापता
पीड़ित अजीम अंसारी और उनकी पत्नी सयदा खातून ने बताया कि उनका बेटा सिकंदर अंसारी करीब 16 वर्ष पहले दिल्ली गया था, जहां से वह अचानक लापता हो गया था. वर्षों तक बेटे की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.इसी दर्द और उम्मीद का फायदा उठाकर ठगों ने परिवार को अपने जाल में फंसा लिया.
पुलिस जांच में जुटी
मामले को लेकर बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
यह घटना लोगों के लिए एक बड़ा सबक बनकर सामने आई है कि भावनाओं में बहकर किसी अनजान व्यक्ति पर बिना पहचान और जांच के भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है.