प्रतिनिधि, बाराहाटप्रखंड क्षेत्र में हुए ओला वृष्टि से भले ही किसानों की कमर टूट गयी हो. लेकिन यहां कार्यरत किसान सलाहकारों की कमर पहले से काफी मजबूत हो गयी है. अब कई किसान जो पहले दबी जुबान से फसल क्षतिपूर्ति की राशि दिलाने के बदले सुविधा शुल्क वसूले जाने की बात करते थे. अब खुले आम यह कबूल कर रहे हैं कि उन्हें जहां 2500 रुपये मिलने थे. वहां किसान सलाहकार ने 1000 रुपये लेकर चेक हाथ में दिया. सबसे ज्यादा हाय तौबा पंजवारा, महुआ, पथरा, लौढि़या खुर्द में मची हुई है. यहां के कई किसान ऐसे हैं जिनकी कोई क्षति नहीं हुई उनके खाते में संबंधित पंचायत के किसान सलाहकार की कृपा से राशि कमीशन के उपरांत दे दी गयी. सूत्रों की माने तो ओला वृष्टि के बाद सरकारी घोषणा होते ही ऐसे कर्मी सेटिंग गेटिंग में लगे हुए थे, जिसके फलाफल जरुरतमंदों को फूटी कोड़ी नसीब नही हुई. जांच की मांगफसल क्षतिपूर्ति में धांधली की खबर पर एमएलसी प्रतिनिधि सज्जाद अंसारी ने अधिकारियों से मामले पर तुरंत जांच की मांग की. उन्होंने कहा जिन किसानों का फसल सही में नष्ट हुआ है उन्हें ही मुआवजा मिले. इसे सुनिश्चित करना अधिकारियों का काम है.कहते हैं बीडीओमामले पर बीडीओ इरफान अकबर ने कहा मुझे अब तक ऐसी किसी समस्या पर लोगों द्वारा सूचना नहीं दी गयी है. अगर ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित कर्मी बख्शे नहीं जायेंगे.
फसल क्षतिपूर्ति के राशि वितरण में घालमेल
प्रतिनिधि, बाराहाटप्रखंड क्षेत्र में हुए ओला वृष्टि से भले ही किसानों की कमर टूट गयी हो. लेकिन यहां कार्यरत किसान सलाहकारों की कमर पहले से काफी मजबूत हो गयी है. अब कई किसान जो पहले दबी जुबान से फसल क्षतिपूर्ति की राशि दिलाने के बदले सुविधा शुल्क वसूले जाने की बात करते थे. अब खुले […]
