दूरी कम और भाड़ा ज्यादा बांका के बस मालिकों की पहचान है. वाहन मालिकों के द्वारा यात्रियों को बस पड़ाव पर सुविधा कुछ भी नहीं दी जाती है. लेकिन मनमाना भाड़ा वसूला जाता है. जानकारी के अनुसार जब बांका अनुमंडल था उस समय दूरी के अनुसार किराया तालिका स्टैंडों पर लगी होती थी. लेकिन जिला बनने के वर्षो बाद भी वर्तमान में किराया तालिका शहर के किसी स्टैंडों में नहीं है.
वाहन मालिक तय करते हैं किराया
बांका: जिले के वाहन मालिक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल करते हैं. जिले के किसी भी वाहन स्टैंड पर यात्री किराया की तालिका नहीं लगी हुई है. इस कारण यात्रियों को किराया के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है और वाहन मालिक मनमानी करते हैं. एक तरफ सरकार के द्वारा लगातार डीजल की कीमतों […]

बांका: जिले के वाहन मालिक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल करते हैं. जिले के किसी भी वाहन स्टैंड पर यात्री किराया की तालिका नहीं लगी हुई है. इस कारण यात्रियों को किराया के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है और वाहन मालिक मनमानी करते हैं. एक तरफ सरकार के द्वारा लगातार डीजल की कीमतों में गिरावट के बाद भी यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. वाहन मालिक अपने हिसाब से भाड़ा तय कर यात्रियों को लूट रहे हैं.