अखिल भारतीय लोक मंच ने दिया धरना अमरपुर. बांका व भागलपुर जिले में 1989 ई. में हुए दंगे के समय कई गांव के लोग पलायन कर गये थे. इसमें एक बड़ा हिस्सा अमरपुर प्रखंड के कई गांवों में आज भी रह रहे हैं. इसी को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय लोक मंच के नेताओं ने प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन कर राज्य सरकार के साथ केंद्र की सरकार को भी आड़े हाथों लिया. एआइपीएफ के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि भागलपुर दंगा के 26 साल गुजर जाने के बाद भी आज तक दंगा पीडि़त परिवारों को पुनर्वास क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सका है, लेकिन लालू ,राबड़ी, नीतीश, मोदी व मांझी ने जनता के बीच सेकुलरिज्म और सामाजिक न्याय की बात कह कर सरकार चलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. आज दंगा पीडि़त के पुनर्वासित गांवों में बुनियादी सुविधाओं से सरकार भाग रही है. आज भी 80 फीसदी परिवार को बीपीएल सूची के बजाय एपीएल सूची में डाल दिया गया है. धरना सभा में ओम सुधा, अमित भगत, मो. सुलेमा मंसूरी, मो. जोशर, मो. अब्बास, मो. मुस्लिम, अलीमुद्दीन, सलीम, मकसूद, रफीक, जिराईल, बीबी जुलेखा, बीबी जमीला, खैरू निशा, हमीदा, हदीशा सहित भाकपा माले के भागलपुर के जिला सचिव रिंकू भी मौजूद थे. सड़क दुर्घटना में एक जख्मी अमरपुर. अमरपुर-शाहकुंड मुख्य मार्ग के रेफरल अस्पताल के समीप सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार बांका निवासी मो. दानिश अमरपुर से पवई की तरफ जा रहे थे. इसी दौरान रेफरल अस्पताल के समीप असंतुलित अपने मोटरसाइकिल से दुर्घटना ग्रस्त हो गया, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. स्थानीय लोगों ने जख्मी को अस्पताल में भरती कराया, जहां पर प्राथमिकी उपचार किया जा रहा था.
दंगा पीडि़त परिवारों के साथ सरकार कर रही सौतेला व्यवहार : एआइपीएफ
अखिल भारतीय लोक मंच ने दिया धरना अमरपुर. बांका व भागलपुर जिले में 1989 ई. में हुए दंगे के समय कई गांव के लोग पलायन कर गये थे. इसमें एक बड़ा हिस्सा अमरपुर प्रखंड के कई गांवों में आज भी रह रहे हैं. इसी को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय लोक मंच के नेताओं ने […]
