उक्त बातें गुरुवार को प्रखंड के गौरा हाट परिसर में आयोजित श्री मद भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन अयोध्या से आयी कथावाचक राधा स्वरूपा साध्वी मानस बिंदु जी महाराज ने कही. उन्होंने दक्ष प्रजापति व सती की कथा सुनाई जिसे सुन श्रद्धालु भक्तजन भावविभोर हो गये. पति का स्थान उच्च बताते हुए कथावाचक ने कहा कि पति भगवान शंकर का अपमान देख उनकी पत्नी सती ने दक्ष द्वारा आहूत किये गये हवन कुंड में अपने प्राणों की बली दे दी.
अभिमान में चूर दक्ष प्रजापति का सर्वनाश हुआ. उन्होंने कहा कि कथा का अनुश्रवण हरेक व्यक्ति अपने जीवन में जरूर करें. इससे उनके परिवार में भी सुख, शांति व वैभव का संचार होगा. इधर, कथा में भारी संख्या में महिला पुरुष श्रोता भक्तजनों की भारी भीड़ पांडाल परिसर में उमड़ रही है. संगीतमय प्रवचन किये जाने का भी सिलसिला लगातार जारी है. कथा समिति द्वारा अनवरत भंडारा का भी आयोजन किया जा रहा है. व्यास गद्दी पर नाव में स्थित कमल पर विराजमान कथावाचक के साथ साथ पंडाल में लगी बारह प्रतिमायें आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
