सिंचाई के अभाव में सैकड़ों एकड़ जमीन परती

एक बार भी नहीं हुई बांध की मरम्मत फोटो 23 बांका 2: मरम्मती के अभाव में बांध ग्रामीणों ने स्थानीय प्रतिनिधि से लेकर जिलाधिकारी तक को दे चुके हैं आवेदन ग्रामीणों ने चंदा के पैसा से मरम्मती करने के बाद भी किसान के खेत तक नहीं पहुंच सका पानी ग्रामीणों में बढ़ता जा रहा है […]

एक बार भी नहीं हुई बांध की मरम्मत फोटो 23 बांका 2: मरम्मती के अभाव में बांध ग्रामीणों ने स्थानीय प्रतिनिधि से लेकर जिलाधिकारी तक को दे चुके हैं आवेदन ग्रामीणों ने चंदा के पैसा से मरम्मती करने के बाद भी किसान के खेत तक नहीं पहुंच सका पानी ग्रामीणों में बढ़ता जा रहा है आक्रोश प्रतिनिधि, शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गुलनी पंचायत के पहड़ी गांव के समीप वर्षा पूर्व बनाये गये बांध व पुल कई वर्षों से टूटा पड़ा है. इससे किसानों के सैकड़ों एकड़ जमीन में पानी नहीं पहुंच पाता है. इस कारण किसानों के खेत में अच्छी फसल नहीं हो पाती है. इस संबंध में किसान कृष्णानंद सिंह, उमाकांत सिंह, विजय सिंह, कृष्ण मोहन, मनोज प्रसाद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पहड़ी बांध 1995 ई में आयी बाढ़ में टूट गया है. पुल टूटने से इतने दिन बाद भी मरम्मती कार्य के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधि से लेकर जिलाधिकारी तक की नींद नहीं खुली है. इसके लिए कई बार स्थानीय किसान द्वारा जिलाधिकारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधि को दिया गया है लेकिन इस बांध व पुल की मरम्मती के लिए कोई पहल नहीं किया गया है. कई बार किसानों ने अपने खेत तक पानी ले जाने के लिए गांवों में चंदा कर बांध की खुदाई करायी. फिर भी खेत तक पानी नहीं पहुंच पाया. इससे किसानों में काफी आक्रोश है. किसानों का कहना है कि सैकड़ों एकड़ जमीन में खेती करना डीजल इंजन के सहारे संभव नहीं है. इस क्षेत्र में लोग ज्यादा तर खेती पर ही निर्भर हैं. लेकिन खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों का खेत परती पड़ा रह जाता है. अगर इस बांध व पुल का मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो किसानों के समक्ष रोजी रोटी की संकट आ सकती है.

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