बांका. कहते हैं कि टीकाकरण करने से बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होती है लेकिन बांका प्रखंड के कझिया गांव में एक ऐसा बालक भी है जिसकी मौत बीसीजी के टीके के कारण हुई है. उक्त आरोप लगाते हुए उस गांव के लोग ने आशा के घर पर शव को रख कर शुक्रवार को प्रदर्शन भी किया. जानकारी के अनुसार गांव के एक ग्रामीण के बच्चों को आशा ने टीका लगाया था. जिसके बाद उस बच्चे की मौत शुक्रवार को हो गयी. जिसकी खबर मिलते ही ग्रामीणों ने आशा के घर पर शव को रख कर प्रदर्शन और हंगामा करना आरंभ कर दिया. जिसकी सूचना मिलने पर बांका बीडीओ विजय कुमार चंद्र ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने. काफी मिन्नत के बाद बीडीओ ने किसी प्रकार से मामले को खत्म कराया. वहीं इस संबंध में आशा का कहना है कि एक ही फाइल से तीन बच्चों को दवा दी गयी थी जिसमें दो बच्चा स्वस्थ है. इसको पूर्व से कुछ बीमारी रही होगी तभी इसकी मौत हुई है.
बीसीजी टीका लगने से बच्चे की मौत
बांका. कहते हैं कि टीकाकरण करने से बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होती है लेकिन बांका प्रखंड के कझिया गांव में एक ऐसा बालक भी है जिसकी मौत बीसीजी के टीके के कारण हुई है. उक्त आरोप लगाते हुए उस गांव के लोग ने आशा के घर पर शव […]
