– हाल पीबीएस कॉलेज काफोटो : 4 बांका 24 : टूटे बेंच की तसवीर बांका : इंदिरा गांधी जिस वक्त इस महाविद्यालय का शिलान्यास की होंगी, उस वक्त कभी नहीं सोची होंगी की इस महाविद्यालय को इतने खराब दिन देखना पड़ेगा. जिले के एकमात्र अंगीभूत कॉलेज के तौर पर कार्यरत पीबीएस कॉलेज में छात्र- छात्राओं के अनुरूप बेंच और डेस्क नहीं है. यहां बिजली कनेक्शन तो है, लेकिन वह भी किसी काम का नहीं है. छात्रों की तुलना में नहीं हैं बेंच पीबीएस कॉलेज में इस विद्यार्थियों के बैठने के लिए बेंच तक नहीं है. पुराने बेंच टूट चुके हैं. कुछ नये बेंच भी खरीदे गये, लेकिन वे विद्यार्थियों की तुलना में काफी नहीं है. छात्रों की माने तो वर्ग संचालन के दौरान बैठने में उन्हें असुविधा होती है. उस वक्त समस्या और जटिल हो जाती है, जब परीक्षा होती है. परीक्षार्थी दरी पर बैठकर परीक्षा देते हैं. पंखे व बल्ब नहींछात्रों से सुविधा शुल्क के नाम पर राशि विश्वविद्यालय द्वारा ली जाती है, लेकिन छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता है. महाविद्यालय में विद्युत कनेक्शन तो है, लेकिन रखरखाव व वायरिंग नहीं होने की वजह से छात्रों को इसकी सुविधा नहीं मिल पाती है. कॉलेज के स्थापना के वक्त जो वायरिंग हुआ था, वहीं अब भी चल रहा है. महाविद्यालय में पंखे और बल्ब तक नहीं हैं. हालांकि सौ केवी का जेनेरेटर विश्वविद्यालय ने मुहैया कराया है, लेकिन उसे चलाने के लिए ईंधन का अभाव है. क्या कहते हैं प्राचार्य विश्वविद्यालय को कई बार इन समस्याओं की लिखित जानकारी दी गयी है. विश्वविद्यालय से बार-बार आश्वासन भी मिल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आया. कौशल सिंह, प्राचार्य, पीबीएस कॉलेज, बांका
टूटे बेंच-डेस्क पर बैठ होती है पढ़ाई
– हाल पीबीएस कॉलेज काफोटो : 4 बांका 24 : टूटे बेंच की तसवीर बांका : इंदिरा गांधी जिस वक्त इस महाविद्यालय का शिलान्यास की होंगी, उस वक्त कभी नहीं सोची होंगी की इस महाविद्यालय को इतने खराब दिन देखना पड़ेगा. जिले के एकमात्र अंगीभूत कॉलेज के तौर पर कार्यरत पीबीएस कॉलेज में छात्र- छात्राओं […]
