बांका : केंद्र की महत्वावकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर आचार संहिता का ब्रेक लगा हुआ है. आचार संहिता से पहले महज 6322 किसानों के खाते में दो-दो हजार की दर से एक करोड़ 26 लाख 44 हजार राशि भुगतान की जा चुकी है. जबकि, अबतक एक लाख 61 हजार 67 किसानों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है.
आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक बार फिर इसकी रफ्तार पकड़नी शुरु हो जायेगी. परंतु मौजूदा समय में आवेदन का ऑनलाइन सत्यापन भी बंद है. वहीं दूसरी ओर इस बात से किसानों को काफी चिंता है. उनका कहना है कि अगर समय पर राशि भुगतान नहीं हो पायी तो समुचित उपयोग संभव नहीं है.
आचार संहित से पहले भी आवेदन सत्यापन में घोर उदासीनता बरतने का आरोप लरगा है. इस कारण काफी कम किसानों को इसका लाभ मिल पाया. मौजदा समय में सीओ आवेदन पर कुछ पहल नहीं कर रहे हैं. उनका कहना है कि जबतक आचार संहिता है, तब तक डीबीटी के तहत राशि का भुगतान संभव नहीं है.
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्येक वर्ष चिन्हित किसान को दो-दो हजार के तीन किस्त में छह हजार की राशि भुगतान की जायेगी. योजना प्रारंभ होने के साथ ही जिला स्तर से अमलीजामा पहनाना शुरु हो गया. परंतु कुछ दिन बाद ही आचार संहिता लगने की वजह से यह योजना मौजूदा समय में ठप है.
आचार संहिता खत्म होते ही डेढ़ लाख आवेदनों की शुरू होगी जांच
23 मई मतगणाना और नई सरकार बनने के बाद देश में आचार संहिता खत्म हो जायेगी. लिहाजा, इसके बाद जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आये आवेदन पर एक बार फिर सत्यापन का दौर शुरु हो जायेगा. जानकारी के मुताबिक जिले भर में 161067 आवेदन में महज 6322 को राशि भेजी गयी है. अलबत्ता, 154745 आवेदन का विभिन्न स्तर पर जांच शुरु होनी शेष है.
अबतक एसी स्तर से 59293, सीओ स्तर से 8080 व एडीएम स्तर से 7137 आवेदन को ही अंतिम स्वीकृति मिली है. लिहाजा, बड़ी संख्या में अब भी सत्यापन के लिए आवेदन लंबित है. मई से बिचड़ा की तैयारी हो जायेगी शुरु :किसान सम्मान निधि योजना की राशि अगर समय पर नहीं मिली तो आगे खरीफ मौसम में किसानों ने जो आशा इस योजना से जोड़ रखा था वह धरी की धरी रह जायेगी.
मई से धान के लिए बिचड़ा बोने की तैयारी शुरु हो जायेगी. प्रगतिशील किसान राज प्रताप भारती के मुताबिक लंबी अवधि के धान के लिए बिचड़ा 25 मई से 10 जून, मध्यम अवधि 10 जून से 25 जून व अल्प अवधि धान के लिए बिचड़ा 25 जून से पांच जुलाई तक लगाया जायेगा. लिहाजा, इस दरम्यान किसानों को आर्थिक रुप से मजबूत होना जरुरी है. चूंकि, पानी को लेकर किसी प्रकार की कोई अपेक्षा नजर नहीं आ रही है.
