चंदन कुमार, बांका : सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल योजना का काम वार्ड क्रियान्वयन समिति से वापस लेकर पीएचइडी को सौंप दिया गया है. अब वार्ड क्रियान्वयन समिति न तो इस योजना की स्वीकृति दे सकती है और न ही इस मद की राशि ही खर्च कर सकती है. वार्ड समिति व मुखिया के खाते में इस मद के जमा सभी राशि पीएचइडी को हस्तांतरित कर दिया जायेगा.
दरअसल, हर घर नल का जल योजनाओं का काम पंचायती राज विभाग के साथ पीएचइडी भी करा रहा था. बांका जिले में पंचायती राज विभाग को 829 व पीएचइडी को 529 वार्ड में नल जल योजना का कार्य सौंपा गया था.
लेकिन, अब जो कार्य वार्ड के तहत पूरा हो चुका है, उसके इतर जो शेष वार्ड बचे हैं, सभी पीएचइडी को सौंप दिया जायेगा. यही नहीं जिस वार्ड में काम आधा-अधूरा रह गया है, उसे भी पीएचइडी के जिम्मे दे दिया जायेगा. विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक पीआरडी के तहत महज 31 फीसद कार्य हुआ है.
अब भी ज्यादातर वार्ड में कार्य प्रारंभ भी नहीं हुआ है. यह तो विभागीय निर्णय की बात हो गयी. परंतु इस निर्णय के पीछे मुखिया व वार्ड सदस्यों की मनमानी भी प्रमुख वजह बतायी जा रही है. मुखिया समय पर वार्ड को राशि हस्तांतरित नहीं करता है. वार्ड सदस्य भी समय पर कार्य पूरा करने में किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं रखते हैं. इसलिए विभाग ने बड़ा निर्णय ले लिया.
वार्ड क्रियान्वयन समिति नल जल योजना से संबंधित कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं कर सकेंगे प्रदान
पांच साल का रखरखाव का कांट्रैक्ट
विभागीय जानकारी के मुताबिक वार्ड के तहत होने वाले नल जल के काम के लिए पांच वर्ष रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है. जबकि पीएचइडी पांच वर्ष रखरखाव के साथ ऑपरेटर की भी व्यवस्था करता है. यानी पीएचइडी अपनी नीति व प्रावधान के मुताबिक इस कार्य को अंजाम देगा. साथ ही पानी की सुविधा निरंतर ग्रामीणों को मिलते रहे इसकी भी व्यवस्था की जायेगी.
विभाग ने कार्य में एकरूपता लाने व समय पर पूर्ण करने के लिए उठाया यह कदम
ग्राम पंचायत में अब हर घर नल का जल योजना की पूरी जिम्मेदारी पीएचइडी को दे दी गयी है. वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति इस योजना की स्वीकृति नहीं दे सकती है. योजना में एकरूपता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
विजय चंद्रा, बीडीओ, बांका
