भागलपुर/बांका : पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी को 3.50 लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथ विजिलेंस की टीम ने गुरुवार को बांका में पकड़ा. विभाग के लेखा लिपिक भी 50 हजार रुपये घूस की रकम के साथ पकड़े गये. दोनों को विजिलेंस की टीम पटना लेकर चली गयी.
दूसरी ओर विजिलेंस की दूसरी टीम ने भागलपुर के मिरजानहाट दुर्गा मंदिर के पास मनोज चौधरी के आवास पर भी छापेमारी की. यह छापेमारी देर रात तक चलती रही. सूत्रों के मुताबिक एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी हुई है. टीम में 40 लोग शामिल थे. 40 लोगों को तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के लिए भेजा गया था. छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति मिलने की बात कही जा रही है.
जानकारी के मुताबिक शाम करीब छह बजे 11 सदस्यीय टीम पीएचईडी, बांका में दाखिल हुई. उस समय पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सहित कई कर्मी वहां मौजूद थे. टीम जैसे ही पहुंची कार्यपालक अभियंता को घूस की रकम सहित कई कागजात के साथ धर लिया.
कार्यालय के बाद कार्यपालक अभियंता के नगर पर्षद परिसर स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी घंटों तक की गयी, जहां से कई संदिग्ध कागजात व नकदी बरामदगी की बात कही जा रही है. विजिलेंस में इनके खिलाफ ठेकेदार विजय कृष्ण शिकायत दर्ज करवायी थी कि उन्हें पीएचईडी के साढ़े तीन करोड़ की ठेकेदारी का काम मिला है. जिस काम को अलॉट करने के एवज में कार्यपालक अभियंता ने एक फीसदी यानी साढ़े तीन लाख रुपये बतौर घूस मांग रहे हैं.
विजिलेंस टीम का नेतृत्व डीएसपी महाराजा कनिष्क कर रहे थे. टीम में डीएसपी अश्रय मिश्रा, इंस्पेक्टर संजीव कुमार, अतनू दत्ता, सुधीर कुमार, शैलेश यादव, जयप्रकाश, शशिकांत, अभितांशु, धर्मवीर पासवान सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे.
3.50 करोड़ का कांट्रेक्ट एक प्रतिशत की दर से 3.50 लाख में हो रहा एग्रीमेंट
भागलपुर सन्हौला निवासी सह संवेदक विजय कृष्ण से 3.50 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट एग्रीमेंट के लिए पीएचईडी कार्यपालक अभियंता ने एक प्रतिशत की दर से 3.50 लाख रुपये की मांग की थी. जबकि कार्यालय खर्च के लिए अतिरिक्त 50 हजार देने की बात कही गयी थी. संवेदक ने इस बात की सूचना विजिलेंस विभाग को दे दी. तय रणनीति के तहत इस भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया गया.
7800 वर्ग फूट में बनी हुई है कार्यपालक अभियंता की 2 करोड़ 60 लाख की हवेली
इधर बांका में कार्यरत पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी के भागलपुर के मिरजानहाट इलाके में मौजूद घर पर विजिलेंस की टीम ने छापा मारा. छापेमारी विजिलेंस के उपाधीक्षक श्रीनारायण सिंह के नेतृत्व में किया गया. इस दौरान घर में केवल कार्यपालक अभियंता की पत्नी वीणा चौधरी मौजूद थी.
देर रात तक चली छापेमारी के दौरान घर में मौजूद सरकारी कागजात और बैंक खातों के पासबुक बरामद किये गये. मामले में मनोज कुमार चौधरी, उनकी पत्नी वीणा चौधरी और बेटी एेश्वर्या के नाम के बैंक खातों के पासबुक मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक टीम को पता चला है कि कार्यपालक अभियंता का घर मिरजानहाट स्थित सिकंदरपुर में 11 कट्ठा यानी 7800 वर्ग फुट में फैली हुई है. पूरे घर का आकलन करने पर पता चला कि इसकी कीमत दो करोड़ साठ लाख रुपये से भी अधिक है.
कांट्रेक्ट एग्रीमेंट के बदले एक प्रतिशत की दर से 3.50 लाख घूस व 50 अतिरिक्त घूस के साथ कार्यपालक अभियंता मनोज चौधरी व लेखा लिपिक मंटू चौधरी को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से घूस के रकम के साथ अन्य दस्तावेज मिले हैं .
महाराजा कनिष्क, डीएसपी, विजिलेंस
