हाइटेंशन तार के संपर्क में आने से मौत

दर्दनाक . बस की छत पर कांवर पूजा करने के लिए चढ़ा था कांवरिया गुरुवार की सुबह स्नान करने के बाद भींगे बदन कांवरिया लालबाबू ठाकुर अपने कांवर की पूजा करने बस की छत पर चढ़े. अगरबत्ती दिखाने के दौरान उसका सिर हाइ टेंशन तार से सट गया. हादसे के दौरान अधिकांश कांवरिया बस से […]

दर्दनाक . बस की छत पर कांवर पूजा करने के लिए चढ़ा था कांवरिया

गुरुवार की सुबह स्नान करने के बाद भींगे बदन कांवरिया लालबाबू ठाकुर अपने कांवर की पूजा करने बस की छत पर चढ़े. अगरबत्ती दिखाने के दौरान उसका सिर हाइ टेंशन तार से सट गया. हादसे के दौरान अधिकांश कांवरिया बस से बाहर निकलकर जमीन पर आराम कर रहे थे.
कटोरिया : सूइया थाना क्षेत्र के जिलेबिया मोड़ के निकट गुरुवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से एक कांवरिया की मौत हो गयी.
मृतक की पहचान लालबाबू ठाकुर (28वर्ष) पिता नागेश्वर ठाकुर ग्राम व थाना तरैया जिला छपरा के रूप में हुई है. यह हादसा बस की छत पर रखे कांवर की पूजा करने के दौरान हुई. कांवरिया के सिर में हाइटेंशन तार सटने से चंद सेकेंड में कांवरिया ने खड़े अवस्था में ही दम तोड़ दिया. साथी कांवरियों की मदद से बांस के सहारे उसे तार से अलग किया गया. फिर रेफरल अस्पताल लाया गया. जहां चिकित्सक डा नरेश प्रसाद व डा एसडी मंडल ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
कटोरिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये बांका भेज दिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार छपरा के तरैया गांव से पचपन महिला-पुरूष कांवरियों का दल सुल्तानगंज से बाबाधाम की यात्रा कर रहे थे. साथ में बस भी चल रही थी. जिस पर पैदल नहीं चलने वाले कांवरिये व उनके कांवर रहते थे. गुरुवार की सुबह स्नान करने के बाद भींगे बदन कांवरिया लालबाबू ठाकुर अपने कांवर की पूजा करने बस की छत पर चढ़े. अगरबत्ती दिखाने के क्रम में वे जैसे ही खड़े हुए, बिजली का तार उनके सिर में स्पर्श कर गया. करंट से झुलसे कांवरिया को चिल्लाने तक का मौका नहीं मिला.
चालक ने कूद कर बचायी जान
छपरा के रामदूत नामक बस के चालक हरिहर प्रसाद हादसे के दौरान बस में ही विश्राम कर रहे थे. बस में भी करंट दौड़ गयी. अफरा-तफरी व शोर मचने के बाद चालक बस से नीचे कूद पड़े. गीली जमीन पर भी करंट के असर से वे जख्मी भी हो गये. बस पर सवार अन्य तीन महिलाएं व आधा दर्जन छोटे-छोटे बच्चे अफरा-तफरी के बीच ही बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकले.
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि बस के भीतर जोरदार बिजली का झटका जैसा महसूस हुआ. जैसे लग रहा था कि भूकंप हुआ हो. हादसे के दौरान बस के अधिकांश कांवरिये बाहर में जमीन पर बैठे थे. अन्यथा एक बड़ी दुर्घटना घट सकती थी.

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