संवाददाता, पटना
औरंगाबाद और गया जिले में उत्तर कोयल योजना से सिंचाई सुविधा बेहतर होगी. करीब 1367.61 करोड़ रुपये की लागत से इस योजना का बचा काम पूरा किया जा रहा है. कोसी-मेची लिंक नदी जोड़ योजना पर 6282.32 करोड़ रुपये से काम होगा. वहीं बागमती-बूढ़ी गंडक, गंडक-अकाली नाला-गंडकी-माही-गंगा नदी जोड़ योजना पर काम हो रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जल संसाधन विभाग का बजट 7451.15 करोड़ रुपये का है. जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत विभाग की तरफ से भभुआ और मोहनिया शहरों के लिए दुर्गावती जलाशय से पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 198.58 करोड़ रुपये की योजना पर काम हो रहा है. बिहारशरीफ शहर में भी गंगाजल उपलब्ध करवाने के लिए 1110.27 करोड़ रुपये से मधुवन जलाशय का निर्माण करवाया जा रहा है. इसके साथ ही कुंडघाट जलाशय योजना पूर्वी गंडक नहर प्रणाली, पश्चिमी कोसी नहर परियोजना पर काम हो रहा है. इससे सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी होगी. साथ ही ग्राउंड वाटर लेवल भी बेहतर होगा.छोटी सिंचाई परियोजनाओं पर हो रहा काम, लघु जल संसाधन विभाग का बजट 1839.11 करोड़
राज्य में छोटी सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से हर खेत तक सिंचाई का पानी और जल-जीवन-हरियाली योजनाओं पर काम हो रहा है. इसके तहत आहर, पइन, चेकडैम, वीयर की मरम्मत और निर्माण किया जा रहा है. वहीं मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत अनुदान आधारित 35 हजार निजी नलकूपों को लगवाने की योजना पर काम हो रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
