अंबा बाजार के नवीनगर रोड स्थित अस्थायी बस पड़ाव पर आज भी यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. तेज धूप, मूसलाधार बारिश या कड़ाके की ठंड. हर मौसम में यात्रियों को बिना किसी यात्री शेड के सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की ओर न प्रशासन का ध्यान है और न ही जनप्रतिनिधियों की पहल दिखाई देती है.
छात्राओं और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी
बस पड़ाव से कुटुंबा, नवीनगर और झारखंड सीमा से जुड़े दर्जनों गांवों के लोग रोजाना बस और ऑटो पकड़ते हैं. यहां न यात्री शेड है, न शौचालय, न यूरिनल और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था. इसका सबसे अधिक असर छात्राओं और महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें वाहन का इंतजार करने के दौरान काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है.
बस में चढ़ने को लेकर भी छात्राओं की शिकायत
शुक्रवार को बस का इंतजार कर रही छात्राओं ने बताया कि कॉलेज और कोचिंग आने-जाने के दौरान उन्हें लंबे समय तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ता है. उनका आरोप है कि बस के कंडक्टर उन्हें पहले बस में बैठने नहीं देते. जब बस खुलने लगती है, तभी चढ़ने के लिए कहा जाता है. जल्दबाजी में कई बार छात्राएं गिरते-गिरते बचती हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है.
दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों का परिचालन प्रभावित है. इससे बसों के आने में देरी होती है और यात्रियों को अधिक समय तक खुले आसमान के नीचे इंतजार करना पड़ता है. गर्मी और उमस के बीच बिना शेड के खड़े रहना उनकी मजबूरी बन गई है.
जनसुविधा केंद्र बनाने की उठी मांग
स्थानीय नागरिक भगवान सोनी, अरविंद साव, अजय साव, सुबोध कुमार, मंडल अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, मेडिकल संचालक राजेश कुमार और सुरेश गुप्ता ने कहा कि वर्षों से यात्री शेड, महिला जनसुविधा केंद्र, शौचालय, यूरिनल और प्याऊ निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अंबा बाजार के इस महत्वपूर्ण बस पड़ाव पर जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
