मदनपुर में गैस के लिए मची त्राहि-त्राहि, प्रशासनिक दावों की खुली पोल
ओटीपी आने के बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर, हर जगह लग रहीं कतारें
मिडिल ईस्ट युद्ध के असर से जिले में आपूर्ति प्रभावित, भीषण गर्मी में चूल्हा फूंकने को मजबूर महिलाएं
होटलों में घरेलू सिलिंडर खपाने की चर्चा, पुलिस की मौजूदगी में कतारबद्ध वितरण भी नाकाफी
फोटो नंबर-4,4ए- मदनपुर में गैस के लिए सिलेंडर की लाइनऔरंगाबाद/मदनपुर
मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर बढ़ता हुआ दिख रहा है. यही कारण है कि जिले में एलपीजी गैस संकट गहराता जा रहा है. प्रशासन की ओर से भले ही होम डिलिवरी और सुचारू वितरण के दावे किये जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है. जिले के लगभग हर इलाके में गैस सिलिंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं. गुरुवार को मदनपुर मेला रोड स्थित गैस वितरण केंद्र पर सैकड़ों उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं. करीब सौ मीटर तक लोग खाली सिलिंडर लेकर कड़ी धूप में उपभोक्ता घंटों खड़े रहे. इस दौरान उपभोक्ताओं में नाराजगी भी साफ दिखी और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे.
ओटीपी आने के बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलिंडर
उपभोक्ताओं ने बताया कि कई लोगों के मोबाइल पर एक सप्ताह पहले ही गैस बुकिंग का ओटीपी आ चुका है, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला. गैस लेने के लिए लोग रोज एजेंसी और वितरण केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं. इसके बावजूद इसके उन्हें निराशा हाथ लग रही है. सीमित संख्या में सिलिंडर उपलब्ध होने के कारण अधिकांश उपभोक्ता खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं. वैसे भी गर्मी के इस मौसम में घरेलू गैस नहीं मिलने से लोग लकड़ी और चूल्हे का सहारा लेने को विवश हैं. महिलाओं ने बताया कि इस भीषण गर्मी में चूल्हे पर खाना बनाना काफी कठिन हो गया है. साथ ही आग लगने की आशंका भी बनी रहती है.
कालाबाजारी और होटल संचालकों पर उठे सवाल
गैस संकट के बीच कालाबाजारी की चर्चाएं भी जोरों पर हैं. कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलिंडर चोरी-छिपे अधिक दाम लेकर होटल संचालकों को दिया जा रहा है. जिन होटलों में कॉमर्शियल सिलिंडर का उपयोग होना चाहिए, वहां घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल हो रहा है. खासकर मदनपुर में स्थिति भयावह है. सिलिंडर के लिए कतार में लगे लोगों का कहना था कि कुछ होटल संचालक बार-बार गैस ले जा रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहा. उपभोक्ताओं ने आशंका जतायी कि कई लोग अतिरिक्त सिलिंडर जमा कर रहे हैं. इससे कृत्रिम संकट पैदा हो रहा है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लोगों की शिकायतें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. स्थानीय एजेंसी संचालक भी सवालों के घेरे में है. आखिर उपभोक्ताओं के आरोपों की जांच क्यों नहीं करायी जा रही है.
शादी-विवाह वाले परिवारों की बढ़ी परेशानी
गैस संकट का असर उन परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है, जहां शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम हैं. कई लोगों ने बताया कि घरों में आयोजन होने के कारण गैस की अतिरिक्त जरूरत है, लेकिन उनकी समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है. लोगों का आरोप है कि पैरवी और पहुंच वाले लोगों को जल्दी गैस मिल जाती है, जबकि आम जनता घंटों लाइन में खड़ी रहने के बावजूद परेशान रहती है.
पुलिस की निगरानी में नंबर सिस्टम से वितरण
स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय थाना की मदद ली जा रही है. पुलिस की निगरानी में नंबर सिस्टम के आधार पर सिलेंडर वितरण कराया जा रहा है, ताकि अव्यवस्था और विवाद न हो. इसके बावजूद भीड़ और मांग अधिक होने से लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही. मदनपुर के उमंगेश्वरी गैस एजेंसी के संचालक से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला.
प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है. होम डिलिवरी और पर्याप्त आपूर्ति के दावों के बावजूद उपभोक्ता सड़क पर लाइन लगाने को मजबूर हैं. अब जरूरत है कि प्रशासन कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाये, घरेलू गैस के दुरुपयोग पर कार्रवाई करे और आम उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाये.