औरंगाबाद में बदल रहा मौसम का मिजाज, भारी बारिश की संभावना को लेकर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील गांवों में सतर्कता बढ़ी

मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. नदी किनारे बसे गांवों का निरीक्षण किया गया है और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत शिविर तैयार कर लिए गए हैं.

मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई है. इससे पहले ही जिले के कई हिस्सों में बूंदाबांदी शुरू हो गई है. शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम में आए बदलाव को देखते हुए कुटुंबा प्रखंड प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है.

नदी किनारे बसे गांवों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए अंचलाधिकारी चंद्र प्रकाश और प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियांशु बसु ने बतरे-बटाने नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने सोना बिगहा, देवची बिगहा और बिराज बिगहा महादलित टोला के ग्रामीणों से नदी के जलस्तर पर नजर रखने, अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की.

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत शिविर तैयार

प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रखंड मुख्यालय स्थित महिला कॉलेज और प्लस टू विद्यालय, चिल्हकी को अस्थायी राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया है. संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

सूखी नदियों के बीच बारिश का इंतजार

हालांकि मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन फिलहाल कुटुंबा प्रखंड सूखे की मार झेल रहा है. क्षेत्र की अधिकांश नदियां अभी सूखी हैं और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल मौसम विभाग तथा प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है.


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