उत्तर कोयल मुख्य नहर का निरीक्षण, कपसिया नहर में पहली बार पहुंचा 105 क्यूसेक पानी

उत्तर कोयल मुख्य नहर का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई तकनीकी खामियां सामने आईं. पहली बार कपसिया नहर में 105 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Aurangabad News : जल संसाधन विभाग एवं वाप्कोस प्रोजेक्ट की संयुक्त टीम ने गुरुवार को उत्तर कोयल मुख्य नहर का निरीक्षण कर जल प्रवाह, क्रॉस रेगुलेटर (सीआर) और हेड रेगुलेटर (एचआर) गेटों की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी कमियां सामने आईं, जिन्हें शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया. वहीं पहली बार कपसिया नहर में 105 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.

निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद

निरीक्षण दल में मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार, अंबा डिवीजन के कार्यपालक अभियंता विवेक कुमार, नवीनगर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता रविकांत कुमार, एसडीओ उमाकांत कुमार, राज कुमार, वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर आर.के. सिंह तथा जेई कृष्ण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे. अधिकारियों ने नवीनगर डिवीजन के 43.71 किलोमीटर स्थित कुलहड़िया उप-वितरणी से लेकर 68.37 किलोमीटर स्थित कपसिया उप-वितरणी तक मुख्य नहर का निरीक्षण किया. इस दौरान ड्राइंग डिस्चार्ज, जल प्रवाह, क्रॉस रेगुलेटर एवं हेड रेगुलेटर की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई.

कई स्थानों पर मिली तकनीकी खामियां.

निरीक्षण में नवीनगर डिवीजन के 143 आरडी तथा अंबा डिवीजन के 168.50 आरडी स्थित सीआर गेटों का संचालन सुचारु नहीं पाया गया. वहीं अंबा डिवीजन के 211 आरडी पर अब तक सीआर गेट नहीं लगाया जा सका है. मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने कहा कि खरीफ मौसम में गेटों के सुचारु संचालन में बाधा आने से नहर प्रबंधन प्रभावित हो रहा है. सभी गेटों को जल्द चालू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

भीम बराज से छोड़ा गया 2119 क्यूसेक पानी.

अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि कम वर्षा के कारण भीम बराज का जलस्तर घट रहा है, जिससे जल प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. गुरुवार को भीम बराज से उत्तर कोयल मुख्य नहर में 2119 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. झारखंड सीमा स्थित 103 आरडी पर बिहार हिस्से को 1015 क्यूसेक पानी प्राप्त हो रहा है, जबकि अंबा डिवीजन को करीब 800 क्यूसेक पानी मिल रहा है. इसके अलावा 150 से 200 क्यूसेक पानी होम पाइप के माध्यम से मुख्य नहर में प्रवाहित हो रहा है, जिसका उपयोग दक्षिणी क्षेत्र के किसान इलेक्ट्रिक मोटर से धान की रोपाई के लिए कर रहे हैं.

कपसिया नहर में पहली बार पहुंचा पानी.

मुख्य अभियंता ने बताया कि बसडीहा, कर्मा और रतनपुर नहरों के संचालन के साथ अब सदर प्रखंड की कपसिया नहर में पहली बार 105 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अंबा डिवीजन को उपलब्ध कुल जलराशि में से लगभग 215 क्यूसेक पानी औरंगाबाद क्षेत्र को मिल रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्य नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए इस सप्ताह नवीनगर डिवीजन की सभी नहरों का संचालन अस्थायी रूप से बंद रखा गया है. अगले सप्ताह से तातील (रोटेशन) व्यवस्था के तहत सभी नहरों का नियमित संचालन फिर शुरू किया जाएगा. साथ ही किसानों से तातील व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की गई.


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By Ambuj kumar

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