गोह. इ-किसान भवन में सोमवार को मूंग का बीज नहीं मिलने की वजह से किसानों ने हंगामा किया. किसानों का कहना था कि उन लोगों को आवेदन किये हुए एक सप्ताह से ऊपर हो गया, लेकिन अभी तक ओटीपी नहीं छोड़ा गया. उनके बाद में जिन किसानों ने आवेदन किया, उनका ओटीपी छोड़ दिया गया है. किसानों ने कृषि समन्वयक पर कई आरोप लगाये. कहा कि जब विभाग द्वारा प्रत्येक पंचायत के 30-30 किसानों के बीच बीज का वितरण करना है, तो समन्वयक द्वारा सौ से अधिक किसानों से आवेदन क्यों कराया जा रहा है. किसानों की भीड़ उमड़ रही है. पिपराही गांव के किसान इंद्रजीत कुमार, जयप्रकाश कुमार, कमलेश कुमार, दिनेश सिंह, बिट्टू सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि वे एक सप्ताह से दौड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें ओटीपी नहीं दिया गया है. पीछे आवेदन करने वाले लोगों ने मूंग का भी उठाव कर लिया है. किसानों ने कहा कि ओटीपी मिलने वाले किसानों को मकई लेना अनिवार्य कर दिया है. इसमे प्रत्येक किसान को दो किलो मकई और आठ किलो मूंग दिया जा रहा है. सवाल यह है कि जिन किसानों को मूंग की बुआई करनी है, वे मकई का बीज लेकर क्या करेंगे. इधर, गोह प्रखंड के कृषि पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आवंटन कम होने की वजह से ऐसी स्थिति हो गयी है और हंगामा हो रहा है. उन्होंने बताया कि इस बार 69 क्विंटल मूंग, 12 क्विंटल उड़द और 10 क्विंटल मकई का बीज आवंटन हुआ है. किसान साइबर कैफे में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं. इ-किसान भवन में आवेदन नही हो रहा है.
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