Aurangabad News : सदर प्रखंड के उन्थु स्थित सोन उच्चस्तरीय मुख्य नहर बरसात के मौसम में एक बार फिर चिंता का कारण बन गई है. नहर में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे प्रतिदिन यहां नहाने पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष इस नहर में डूबने से बच्चों की मौत की घटनाएं होती हैं, लेकिन अब तक प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है.
उन्थु पुल के पास सबसे अधिक खतरा
ग्रामीणों के अनुसार उन्थु पुल के समीप नहर में पानी का बहाव सबसे अधिक तेज रहता है. बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से खतरा और बढ़ गया है. इसके बावजूद बच्चे जान जोखिम में डालकर नहर में उतर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो फिर किसी परिवार को अपने बेटे या भाई को खोना पड़ सकता है.
समझाने के बाद भी नहीं मानते बच्चे
ग्रामीण पिंटू यादव, कुंदन कुमार, पंकज यादव, मिथलेश कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि राहगीर और ग्रामीण अक्सर बच्चों को नहर में नहाने से रोकते हैं, लेकिन बच्चे उनकी बात अनसुनी कर देते हैं. उनका कहना है कि प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा व्यवस्था के बिना ऐसे हादसों पर रोक लगाना मुश्किल होगा.
पुलिस की निगरानी बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फेसर थाना पुलिस की गश्ती टीम प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरती है, लेकिन नहर में नहा रहे बच्चों को रोकने या वहां से हटाने की कोई पहल नहीं की जाती. ग्रामीणों का मानना है कि नियमित गश्त, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग से संभावित हादसों को रोका जा सकता है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उन्थु मुख्य नहर के संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक हिस्सों की बैरिकेडिंग कराने तथा पुलिस और सिंचाई विभाग की संयुक्त निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए तो हर वर्ष होने वाली दर्दनाक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा और मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकेगी.
