Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में पिछले करीब दस दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. जहां एक ओर तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम किसानों और आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. खासकर गरमा फसल और साग-सब्जी की खेती करने वाले किसान इस असमय बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. खेतों में लगी फसलें तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की मार से बर्बाद हो रही हैं.
टेंट-पंडाल उजड़े, शादी वाले कार्यक्रम प्रभावित
बे-मौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ा, जिनके घरों में शादी-विवाह के कार्यक्रम चल रहे हैं. मंगलवार की आधी रात आई तेज आंधी और बारिश ने शादी समारोहों की तैयारियों को तहस-नहस कर दिया. कई जगहों पर टेंट और पंडाल उखड़कर बिखर गए, जिससे सजावट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह बिगड़ गईं.
बारातियों और रिश्तेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोगों को खुले आसमान के नीचे या अस्थायी व्यवस्था में समय बिताना पड़ा. भोजन, बैठने और ठहरने की व्यवस्था प्रभावित होने से उत्सव का माहौल फीका पड़ गया.
देव और कुटुंबा में सबसे अधिक हुई बरिश
विभागीय डाटा के अनुसार मंगलवार की रात जिले के देव और कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश हुई है. ब्लॉक स्टैटिस्टिकल ऑफिसर ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बीती मंगलवार की रात देव प्रखंड क्षेत्र में 14.6 एमएम और कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में में 13.6 एमएम बारिश हुई. इसी तरह सदर प्रखंड औरंगाबाद में 5.8 एमएम, बारूण में 5.4 एमएम, दाउदनगर में 4.2 एमएम, गोह में 2.2 एमएम, हसपुरा में 2.8 एमएम मदनपुर में 12.2 एमएम, नवीनगर में 6.8 एमएम, ओबरा में 5.4 एमएम और रफीगंज में 5.8 एमएम बारिश हुई है.
क्या बोले मौसम वैज्ञानिक ?
मौसम विभाग ने औरंगाबाद सहित बिहार के कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है. कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ अनुप कुमार चौबे ने बताया कि 7 और 8 मई को औरंगाबाद में मौसम साफ रहने और बारिश नहीं होने कि संभावना है. 9 और 10 तारीख तक हल्के बारिश के साथ-साथ अकाशिय बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने कि संभावना है . इस दौरान कभी तेज धुप तो कभी बादल छाए रह सकते है. उन्होंने बताया कि 12 मई तक गर्मी और हिट वेव का अलर्ट नहीं है जिससे गर्मी से थोड़ा राहत मिलेगा.
औरंगाबाद से अम्बुज पांडेय की रिपोर्ट
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