Aurangabad News: औरंगाबाद जिले सहित पूरे राज्य में जिला स्तर पर लंबित या अनसुलझी जनशिकायतों का अब राज्य स्तर पर त्वरित निबटारा होगा. इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय से भव्य राज्य स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' का विधिवत शुभारंभ किया. इस नई पहल के तहत प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा.
अधिकारियों ने वर्चुअली भाग लिया
औरंगाबाद समाहरणालय से जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह और उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया. इनके साथ ही जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तिखार अहमद, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव और निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार सहित अन्य सभी प्रमुख विभागीय अधिकारी इस उच्च स्तरीय बैठक में जुड़े.
समयबद्ध निष्पादन के सख्त निर्देश
औरंगाबाद के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जनशिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं के साथ हमेशा सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए. राज्य सरकार एक प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
पोर्टल पर होगा ऑनलाइन पंजीकरण
औरंगाबाद में बैठक के दौरान बताया गया कि पटना के शिविर में वही आवेदक शामिल हो सकेंगे जिनकी शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पाया है. राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में भाग लेने के इच्छुक आवेदक सरकारी पोर्टल पर अपने पूर्व आवेदन के रेफरेंस नंबर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे. आवेदन की पात्रता जांच के बाद आवेदकों को एसएमएस से सूचना भेजी जाएगी.
जिले में शानदार निष्पादन दर
औरंगाबाद जिला प्रशासन जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के नेतृत्व में शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दे रहा है. जिले में अब तक कुल 11,139 जनशिकायत के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से रिकॉर्ड 10,700 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है. वर्तमान में औरंगाबाद जिले का शिकायत निष्पादन प्रतिशत 96 प्रतिशत है, जो बेहद सराहनीय है.
स्थानीय स्तर पर हो समाधान
औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कार्यक्रम के समापन के बाद सभी विभागीय अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. अधिकारी प्रयास करें कि अधिकाधिक मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाए ताकि आम लोगों को पटना न जाना पड़े.
Also Read: औरंगाबाद के दोमुहान पुल पर रोजाना हजारों लोगों की परीक्षा, डायवर्सन निर्माण अब भी अधूरा
