Aurangabad News : 28 वर्षों से फरार नक्सली अर्जुन पासवान चढ़ा पुलिस के हत्थे

औरंगाबाद पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त रूप से की छापेमारी, औरंगाबाद और गया के कई थानों की पुलिस कर रही थी तलाश

औरंगाबाद/गोह. पिछले 28 वर्षों से पुलिस के लिए नासूर बना हार्डकोर नक्सली अर्जुन पासवान आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. इसी के साथ उसकी नक्सल गतिविधियां समाप्त हो गयी. औरंगाबाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस कार्यालय से दी गयी जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल के निर्देशन में जिले को अपराध एवं नक्सल मुक्त क्षेत्र बनाने के उद्देश्य से लगातार एटीएफ के साथ सामंजस्य स्थापित कर अभियान चलाये जा रहे हैं. इसी अभियान के तहत औरंगाबाद जिला अंतर्गत विभिन्न नक्सल कांडों में संलिप्त व 28 वर्षों से फरार चल रहे नक्सली अर्जुन पासवान की गिरफ्तारी के लिए औरंगाबाद पुलिस व एटीएफ की संयुक्त विशेष टीम गठित कर तकनीकी एवं ह्मयूमन इंटेलीजेंस से प्राप्त सूचना के अधार पर छापेमारी की गयी. 24 मई को बंदेया थाना क्षेत्र के गंगटी मोड़ के आसपास उसे घुमते हुए देखा गया. उक्त सूचना के बाद गंगटी मोड़ के इलाके की घेराबंदी कर अर्जुन पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार नक्सली ने अपना अपराध स्वीकार किया किया. इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वैसे अर्जुन पासवान के खिलाफ कई मामले दर्ज है. वर्ष 1997 से 2024 तक दर्ज हैं कई प्राथमिकी बताया गया कि बंदेया थाना क्षेत्र के चपरा गांव निवासी नन्हक पासवान के पुत्र नक्सली अर्जुन पासवान के खिलाफ गोह थाने में वर्ष 1997 में 17 नवंबर को पहली प्राथमिकी कांड संख्या 115/97 के रूप में दर्ज की गयी. इसके बाद नौ मार्च 2004 को कांड संख्या 21/04,14 जुलाई 2009 को कांड संख्या 102/09, बंदेया थाने में 16 जून 2017 को कांड संख्या 12/17, बंदेया थाना में ही 16 फरवरी 2024 को कांड संख्या 8/24, व गया जिले के गुरारू थाने में कांड संख्या 48/09 दर्ज किया गया. इन सभी कांडों में औरंगाबाद और गया की पुलिस उक्त नक्सली की तलाश कर रही थी. कई दफे उसके संभावित ठिकाने पर छापेमारी की, लेकिन हर बार किसी न किसी तरीके से वह फरार हो गया. इस बार उसके भ्रमण होने की सूचना पर उक्त इलाके को घेरकर उसे दबोच लिया गया. इधर, जानकारी मिली कि जिला सत्र न्यायाधीश शेरघाटी, एडीजे दो गया और एडीजे चार गया के न्यायालय से उसके खिलाफ वारंट भी निर्गत किया गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Panchdev kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >