Aurangabad News : सिपाही भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थियों ने भागवान भास्कर की पूजा कर लिया आशीर्वाद

सूर्य मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, कतार में खड़े रहे लोग

देव. सूर्य मंदिर में रविवार को दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. हजारों श्रद्धालु ने देव में पहुंचाकर भगवान भास्कर का दर्शन-पूजन किया. मंदिर में अहले सुबह से देर शाम तक जिले के अलावा रोहतास, गयाजी, जहानाबाद, अरवल, झारखंड के पलामू व चतरा सहित कई जिलों के श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. हालांकि, भीड़ की वजह से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा. बड़ी संख्या में सिपाही भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थियों ने मनोकामना पूर्ण होने पर नारियल चढ़ाया. सूर्य मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है. सूर्य भगवान के दर्शन का अलग महत्व है. कहा जाता है कि मन्नत मांगने वाले लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है. इस बार सिपाही भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ी. किसी ने 11 नारियल चढ़ाया, तो किसी ने 21, तो किसी ने 31 नारियल तोड़ कर भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की. अपने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. वैसे भी भगवान सूर्य एकमात्र प्रत्यक्ष देवता है, जिनकी सच्चे मन से आराधना करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. भीड़ नियंत्रित करने के लिए जगह -जगह तैनात थे जवान: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह सुरक्षाबल तैनात किये गये थे, लेकिन सुरक्षा बल भीड़ के सामने बौना पड़ रहे थे. न्यास समिति की ओर से मंदिर में रविवार की भीड़ को देखते हुए पहले से ही कतार की अलग व्यवस्था की गयी थी. मंदिर के अंदर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किये गये थे. देव सूर्य मंदिर से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक भीड़ खचाखच भरी दिखी. यूं कहें कि सूर्य नगरी में जाम का नजारा दिखा. हॉस्पिटल मोड़ से सूर्य मंदिर की दूरी करीब 150 मीटर है. लेकिन, श्रद्धालुओं को ये चंद कदम नापने में दो घंटे का वक्त लगा. इससे भीड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है. भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी थी. श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई. श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी थी कि देव शहर में प्रवेश करने से पहले ही सैकड़ों वाहनों की कतारें लगी थीं. सूर्य आराधना के लिए देव सूर्य मंदिर देश में विख्यात ज्ञात हो कि देव सूर्य मंदिर सूर्य आराधना के लिए पूरे देश में विख्यात है. यहां ब्रह्मा, विष्णु व महेश रूपी एकादश सूर्य है. वैसे यह मंदिर काफी पौराणिक है. चैत और कार्तिक मास में यहां छठ व्रत करने देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसी मान्यता है कि तीन स्वरूपों में विराजमान भगवान के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सूर्य मंदिर न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, सदस्य योगेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी को देखते हुए सूर्य मंदिर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गयी है. यह मंदिर काफी पौराणिक है. ऐसे हर दिन मंदिर में पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है.

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Published by: Panchdev kumar

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