विश्व कविता दिवस पर साहित्यिक संध्या एवं विचार गोष्ठी आयोजित प्रतिनिधि, औरंगाबाद ग्रामीण. जिला मुख्यालय स्थित सत्येंद्र नगर मुहल्ले में अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह के आवास कला कुंज में विश्व कविता दिवस के अवसर पर साहित्यिक संध्या व विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ. अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह व संचालन कवि नागेंद्र प्रसाद केसरी ने किया. समकालीन जवाबदेही के प्रधान संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, पर्यावरणविद् डॉ रामाधार सिंह, महामंत्री धनंजय जयपुरी, उपाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी, कवि विनय मामूली बुद्धि, वरीय अधिवक्ता योगेश मिश्रा, कवि लवकुश प्रसाद सिंह, रिटायर्ड हेडमास्टर राम सुरेश सिंह, वरिष्ठ कवि अनिल मिश्र अनल, शिक्षक विद्या भूषण भारद्वाज समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. साहित्यिक संध्या की शुरुआत धनंजय जयपुरी के सरस्वती वंदना के साथ हुई. अनिल मिश्रा अनल के काव्य पाठ पर लोग भाव विभोर हो गये. लव कुश प्रसाद सिंह ने भी सनातन संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए पाठ किया. रामाधार सिंह ने मां को संबोधित कविता का पाठ किया, तो विनय मामूली बुद्धि के व्यंग्य पर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाये. वर्तमान समय में कविता अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम विषयक गोष्ठी पर प्रकाश डालते हुए सुरेश विद्यार्थी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में कविता जो अपने उद्देश्यों से भटक गयी है, उस उद्देश्य को वापस लाना है. डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि कविता वर्तमान समाज का दर्पण है. आज ही के दिन 1999 में यूनेस्को की ओर से एक विशेष समारोह आयोजित कर शुरुआत की गयी थी. कविता मूलभूत रूप से संगीत के साथ विशेष अवसरों पर पाठ करने के लिए उपयुक्त होती है. डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि कविता के माध्यम से भाषण विविधता को विभिन्न संस्कृतियों के बीच कैसे संवाद स्थापित कर भाषाओं में रचनात्मक को विशेषता प्रदान कर युवा वर्ग को मातृभाषा के संस्कृति से जोड़ने एवं लिखने के लिए प्रेरित करना है.
काव्य पाठ सुनकर भाव-विभोर हुए श्रोता
विश्व कविता दिवस पर साहित्यिक संध्या एवं विचार गोष्ठी आयोजित
