Aurangabad News: एनएच-120 दाउदनगर-बाईपास पथ निर्माण के लिए अधिगृहीत भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर बुधवार को तरार पंचायत सरकार भवन में विशेष शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का स्थलीय निरीक्षण करने अंचल अधिकारी (सीओ) सतीश कुमार सिंह स्वयं पहुंचे. उन्होंने भू-अर्जन, कागजात सत्यापन और भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) जारी करने की प्रगति का जायजा लेते हुए राजस्व कर्मियों को सभी लंबित प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निष्पादित करने के कड़े निर्देश दिए.
16, 23 और 30 सितंबर को तीन चरणों में शिविर
जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर तरार और तरारी मौजा के रैयतों की सुविधा के लिए तिथिवार शिविर का रोस्टर निर्धारित किया गया है:
- तय तिथियां: भू-अर्जन से संबंधित लंबित मामलों के ऑन-द-स्पॉट निष्पादन के लिए 16, 23 एवं 30 सितंबर को विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं.
- दस्तावेज संग्रहण: एनएच बाईपास के दायरे में आने वाली जमीन के अधिकांश रैयतों को पहले ही एलपीसी निर्गत की जा चुकी है, जबकि बचे हुए रैयतों से नए आवेदन और राजस्व दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं.
- मुआवजा भुगतान प्रक्रिया: निर्गत एलपीसी के आधार पर किसानों से मुआवजा भुगतान के लिए आवश्यक अभिश्रव (वाउचर) जमा कराए जा रहे हैं, ताकि बैंक खातों में राशि का अंतरण जल्द सुनिश्चित हो सके.
रैयतों से समय पर उपस्थित होने की अपील
प्रशासन ने बाईपास निर्माण में आ रही भू-अर्जन संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए किसानों से सहयोग की अपील की है.
"एनएच-120 बाईपास सड़क क्षेत्र के विकास और सुगम यातायात के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है. तरार और तरारी मौजा के सभी प्रभावित किसान 23 और 30 सितंबर को आयोजित होने वाले शिविरों में अपने आवश्यक कागजातों के साथ समय से उपस्थित हों. लंबित एलपीसी और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को तत्काल पूरा कराने में सहयोग करें." — सतीश कुमार सिंह, अंचल अधिकारी (सीओ), दाउदनगर
पंचायत व राजस्व कर्मी रहे मुस्तैद
शिविर के दौरान संबंधित हल्का के राजस्व कर्मचारी, अंचल अमीन और पंचायत स्तर के कई कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने किसानों के कागजातों की प्राथमिक जांच कर फॉर्म जमा कराने में सहयोग किया.
