Aurangabad News : औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड अंतर्गत संसा पंचायत के नंदलाल बिगहा गांव में गुरुवार की रात हुई अगलगी की घटना ने एक गरीब परिवार की कमर तोड़ दी. शॉर्ट सर्किट से लगी आग और गोइठे के धुएं से दम घुटने के कारण छह मवेशियों की मौत हो गई. इस हादसे में पशुपालकों को करीब 2.45 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. घटना के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है और अब सरकारी मदद की आस लगाए बैठा है.
घटना के बाद पशुपालक टुनटुन चौधरी और रामबली चौधरी ने अंचल कार्यालय पहुंचकर मुआवजे के लिए आवेदन दिया है. दोनों ने अंचलाधिकारी के नाम आवेदन देकर आपदा प्रबंधन के तहत आर्थिक सहायता देने की मांग की है. अंचलाधिकारी की गैरमौजूदगी में उन्होंने राजस्व अधिकारी रोहित कुमार को आवेदन सौंपा. इस दौरान गोरडीहां पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे.
रात में लगी आग, सुबह सामने आई सच्चाई
पीड़ित पशुपालकों के अनुसार, गुरुवार की रात करीब 10 बजे अचानक पशुओं के शेड में आग लग गई. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. आग लगने के बाद शेड में रखे गोइठे से तेज धुआं उठने लगा, जिससे वहां बंधे मवेशियों का दम घुट गया.
परिवार को घटना की जानकारी देर रात नहीं मिल सकी. शुक्रवार की सुबह जब वे रोज की तरह पशुओं को चारा देने पहुंचे, तो वहां का मंजर देख उनके होश उड़ गए. सभी छह मवेशी मृत पड़े थे. इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.
इन मवेशियों की हुई मौत
हादसे में दो भैंस, एक भैंस का बच्चा, एक गाय और दो बकरियों की मौत हो गई. ये सभी मवेशी दालान में बने शेड में बंधे हुए थे. पशुपालकों का कहना है कि यही मवेशी उनके परिवार की आय का मुख्य जरिया थे. दूध बेचकर ही वे अपने परिवार का गुजारा करते थे.
आजीविका पर संकट, मुआवजे की मांग
पीड़ित परिवार ने आवेदन में बताया है कि वे बेहद गरीब हैं और मजदूरी के साथ-साथ पशुपालन से ही परिवार का खर्च चलता था. मवेशियों की मौत से उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो गई है. परिवार अब आर्थिक संकट से जूझ रहा है.
पशुपालकों ने अंचल प्रशासन से घटना की जांच कराने और आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द सहायता नहीं मिली, तो परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है.
प्रशासन से उम्मीद, जांच के बाद कार्रवाई
राजस्व अधिकारी को दिए गए आवेदन में पीड़ितों ने स्पष्ट तौर पर नुकसान का आकलन भी बताया है. उन्होंने करीब 2.45 लाख रुपये की क्षति का दावा किया है. अब प्रशासन की ओर से जांच के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.
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