औरंगाबाद के दाउदनगर प्रखंड स्थित करमाही गांव के पास नहर में तेज जल प्रवाह के कारण शंकर बिगहा जाने वाली सड़क धंसने लगी है. सड़क का करीब आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है. यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो पूरी सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है.
नहर के कटाव से बढ़ी लोगों की परेशानी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार करमाही पुल से पश्चिम दिशा में शंकर बिगहा जाने वाली करीब 14 फीट चौड़ी सड़क का बड़ा हिस्सा धंस चुका है. भारी वाहनों का परिचालन लगभग बंद हो गया है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं. यह सड़क शंकर बिगहा होते हुए जमुआंवा सहित कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है.
दाउदनगर-संसा-हसपुरा मुख्य सड़क भी खतरे में
नहर के तेज बहाव से दाउदनगर-संसा-हसपुरा मुख्य सड़क के किनारे भी मिट्टी का कटाव शुरू हो गया है. सिंचाई विभाग ने कटाव रोकने के लिए नहर किनारे बोरे लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद मिट्टी का कटाव जारी है. यदि स्थिति नहीं सुधरी तो इस मुख्य सड़क पर भी आवागमन प्रभावित हो सकता है.
सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से बढ़ा संकट
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय नहर किनारे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे. तेज जल प्रवाह के कारण लगातार मिट्टी बह रही है और सड़क धीरे-धीरे नहर की ओर धंसती जा रही है. लोगों ने जल्द स्थायी समाधान की मांग की है.
तीन विभागों के बीच उलझा मामला
यह मामला सिंचाई विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) और पथ निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़ा है. सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता ने बताया कि शंकर बिगहा जाने वाली सड़क का नाला टूट गया है, जिसकी मरम्मत आरडब्ल्यूडी के जिम्मे है. वहीं, दाउदनगर-संसा-हसपुरा सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन है. उन्होंने यह भी बताया कि करमाही पुल के निर्माण के समय सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई थी और इस संबंध में संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है.
