औरंगाबाद : मिड डे मील किचन की जांच में मिला खराब चावल, बीईओ ने गोदाम से हटाने का दिया निर्देश

मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में चावल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासनिक हरकत तेज हो गई है. दाउदनगर के रामनगर स्थित एमडीएम किचन शेड का प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने औचक निरीक्षण किया, जहां निम्न गुणवत्ता का चावल मिलने पर उसे हटाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं.

Mid Day Meal Rice Quality : मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में चावल की गुणवत्ता को लेकर उठे गंभीर सवालों के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. बुधवार को दाउदनगर के रामनगर स्थित मध्याह्न भोजन किचन शेड का प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) विकास कुमार ने औचक निरीक्षण किया.

इस निरीक्षण के दौरान किचन में रखे चावल, दाल, मसालों और कुल साफ-सफाई की गहन जांच की गई. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ बैग में रखा चावल संतोषजनक गुणवत्ता का पाया गया, जबकि कुछ अन्य बोरियों में निम्न श्रेणी (घटिया) का चावल मिला.

इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने एमडीएम प्रभारी अभय कुमार एवं किचन मैनेजर शैलेन्द्र पासवान को तत्काल निम्न गुणवत्ता वाले चावल को गोदाम से हटाने और उसकी जगह मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा

बीईओ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर यदि किसी भी प्रकार की शिकायत मिली, तो एमडीएम प्रभारी और किचन मैनेजर के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा वरीय अधिकारियों से की जाएगी.

उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पूरी तरह स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

क्यों गरमाया था मामला ?

गौरतलब है कि सोमवार को दाउदनगर प्रखंड के मध्य विद्यालय जमुआवां में चावल से दुर्गंध आने की शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद प्रधानाध्यापक ने मध्याह्न भोजन के चावल को वापस करा दिया था. इस मामले को सोमवार को 'प्रभात खबर डिजिटल' तथा मंगलवार के 'प्रभात खबर' अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया.

सूत्रों के अनुसार, इस खबर के संज्ञान में आने के बाद मंगलवार को जिला मुख्यालय से आई एक विशेष जांच टीम ने भी किचन में उपलब्ध चावल की गुणवत्ता की जांच की थी. इसके अगले ही दिन बुधवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर गुणवत्ता की समीक्षा की और संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश जारी किए.

लगातार हो रही इन जांचों से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन अब बच्चों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कदम उठा रहा है.

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By Om Prakash

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