बारिश से धान की नर्सरी को राहत, मूंग की फसल पर संकट

देर से बुवाई की गयी मूंग की फसल पर छाया संकट, खेतों में जल जमाव होने से तोड़ाई प्रभावित, अंकुरित हो रहे मूंग के दाने

देर से बुवाई की गयी मूंग की फसल पर छाया संकट

खेतों में जल जमाव होने से तोड़ाई प्रभावित, अंकुरित हो रहे मूंग के दाने

प्रतिनिधि, औरंगाबाद/कुटुंबा.

जिले में सक्रिय मॉनसून ने जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाकर उमस भरी गर्मी और हीटवेव से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर इससे खेती-बाड़ी पर मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है. खासकर धान की नर्सरी की तैयारी में जुटे किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है, जबकि गरमा मौसम में तैयार मूंग की फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. दक्षिणी क्षेत्र के किसान समय पर मानसून के आगमन से उत्साहित हैं. लगातार हो रही मूसलधार बारिश से धान की बिचड़ा लगाने में सुविधा मिली है. हालांकि, तेज हवा और लगातार पानी गिरने से कई इलाकों में बिचड़ा को नुकसान भी हुआ है.

कई इलाकों में मूंग की फसल पककर तैयार

जिले के कई इलाकों में मूंग की फसल पककर तैयार है और फली तोड़ने का समय चल रहा था, तभी बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया. खेतों में जलजमाव के कारण तोड़ाई पूरी तरह से ठप है. इससे फलियों में दाना काला पड़कर सड़ने और अंकुरित होने लगाे है. स्थानीय किसानों रामचंद्र सिंह, संजय कुमार सिंह और शिवनाथ पांडेय ने बताया कि अगर बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. मूंग की खेती से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सारी मेहनत बेकार कर दी.

वैज्ञानिकों की चेतावनी

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ विनय कुमार मंडल ने बताया कि मूंग की फसल 24 घंटे से ज्यादा जलभराव सहन नहीं कर सकती। अधिक समय तक पानी जमा रहने से पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है. अत्यधिक नमी के कारण फसल में फफूंदी और कीट रोग का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि मूंग की फलियां अलग-अलग समय पर पकती हैं, इसलिए समय पर तोड़ाई बेहद जरूरी होती है.

छह दिन में 115.7 मिमी औसत बारिश

सांख्यिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में पिछले छह दिनों में औसतन 115.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। 17 जून से शुरू हुई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं. मदनपुर में 171.6 मिमी, नवीनगर में 170.2 मिमी, सदर प्रखंड में 143.4 मिमी, कुटुंबा में 139.4 मिमी, हसपुरा में 127.2 मिमी, गोह में 115.8 मिमी, ओबरा में 98.2 मिमी, दाउदनगर में 87.2 मिमी, देव में 84.2 मिमी, बारुण में 69.8 मिमी व रफीगंज में 66.1 मिमी बारिश हुई है.

29 जून तक अलर्ट जारी

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने बताया कि बिहार में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है और औरंगाबाद समेत कई जिलों में मेघ गर्जन के साथ बारिश जारी है. जिले में 29 जून तक वज्रपात और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. इसे लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

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By Sujit kumar

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