मौसम.
जिले में 44.6 एमएम हुई बारिश, खलिहान व खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग कर बर्बाद
वैवाहिक कार्यक्रमों पर पड़ा असर, टेंट, भोजन और बारात की व्यवस्था प्रभावितफोटो नंबर-4- मदनपुर के अटल बिगहा गांव में बारिश के बाद बर्बाद हुई टमाटर की फसल
4ए-बारिश के दौरान खेत में थ्रेसिंग का पड़ा आनाज
प्रतिनिधि, औरंगाबाद/अंबा
बैशाख महीने के अंतिम चरण में मौसम ने अचानक करवट ले ली. गुरुवार की अहले सुबह जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों में झमाझम बारिश हुई. खासकर दक्षिणी इलाकों में मेघ गर्जन के साथ बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को राहत तो मिली, लेकिन इसके साथ ही कई नयी परेशानियां भी खड़ी हो गयीं. आसमान में दिनभर काले घने बादल छाये रहे और तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गयी. जानकारी के अनुसार, सदर प्रखंड में 2.6, बारुण प्रखंड में 5.4 ,दाउदनगर में 5.8 , देव में 6.2 , गोह में 1.4एमएम, कुटुंबा में 6.8 , मदनपुर में 2.2 एमएम, हसपुरा में 1.6 ,नवीनगर में 8.2 ,ओबरा में 1.2 व रफीगंज में 3.2 एमएम बारिश हुई है .ऐसे सभी प्रखंडों को अलग-अलग जोड़कर देखा जाए तो बुधवार से लेकर गुरुवार की सुबह आठ बजे तक जिले में कुल 44.6 एमएम बारिश हुई है. अनुमंडल सांख्यिकी पदाधिकारी ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 4.1 एमएम वास्तविक बारिश दर्ज की गयी है.
गर्मी से राहत, लेकिन जनजीवन प्रभावित
पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद बारिश ने लोगों को राहत दी है. हालांकि, सुबह-सुबह हुई बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ. बच्चों और शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों की स्थिति बदतर हो गयी और वे पूरी तरह कीचड़ से भर गयी. कई पक्की सड़कों पर भी एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए मिट्टी की ढुलाई की जा रही थी, जिस पर बारिश का पानी पड़ने से फिसलन की स्थिति बन गयी. इसके कारण आवागमन काफी प्रभावित हुआ. खासकर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का परिचालन लगभग ठप हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.
किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश किसानों के लिए मुसीबत बनकर आयी है. जिन किसानों की गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग अभी तक पूरी नहीं हुई है, उनकी फसल खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, लत्तर वाली सब्जी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और कई जगह फसल बर्बादी के कगार पर है.
पशुओं का ध्यान रखें किसान
वेटनरी सर्जन डॉ कुमार शैलेंद्र ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि बारिश में भीगने से पशुओं के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए पशुओं को भींगने से किसानों को बचाना होगा.
वैवाहिक कार्यक्रमों पर पड़ा असर
शहरी व ग्रामीण इलाकों में जिन परिवारों में शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम तय थे, उन्हें भी इस अचानक बदले मौसम के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है. टेंट, भोजन और बारात के आवागमन की व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे परिवारों की चिंता बढ़ गयीहै.
बिजली बाधित, पेयजल संकट गहराया
तेज हवा और बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी. पूरी रात बिजली ठप रहने के कारण पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया. लोगों को पानी के लिए अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. जिला मुख्यालय में भी तेज आंधी चली.
बीमारियों के फैलने का खतरा
डॉ प्रकाश वर्मा, डॉ ललन पांडेय, डॉ ओमप्रकाश और डॉ मोबीन ने बताया कि मौसम में आए इस बदलाव के कारण वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गयी है. उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि एक-दो दिन तक मौसम खराब रहने की संभावना है. हालांकि, शुक्रवार से मौसम साफ होने की उम्मीद जताई गयी है.
बागवानी के लिए फायदेमंदजिला उद्यान पदाधिकारी डॉ श्रीकांत ने बताया कि यह बारिश पेड़-पौधों और बाग-बगीचों के लिए लाभकारी साबित होगी. धूल और गर्द से ढंके पौधे साफ हो जाएंगे और मिट्टी में नमी आने से उनकी वृद्धि में मदद मिलेगी.
जिले के कई इलाकों में असर
जिला मुख्यालय समेत औरंगाबाद, कुटुंबा, मदनपुर और देव क्षेत्रों में रात से सुबह तक बारिश और तेज हवा का असर देखा गया. खासकर मदनपुर और कुटुंबा क्षेत्रों में सब्जी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. कुल मिलाकर यह बेमौसम बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर किसानों, पशुपालकों और आम लोगों के लिए नयी चुनौतियां भी खड़ी कर गयी है.