लोक अदालत में वादों के निस्तारण में अभियोजन का भी दायित्व : जिला जज

इसमें लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल, जिला अभियोजन पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा के अतिरिक्त सभी सहायक अभियोजन पदाधिकारी शामिल हुए

औरंगाबाद शहर. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राज कुमार द्वारा 13 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर व्यवहार न्यायालय के अंतर्गत कार्यरत जिला अभियोजन पदाधिकारी एवं सभी सहायक अभियोजन पदाधिकारी के साथ बैठक की गयी. इसमें लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल, जिला अभियोजन पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा के अतिरिक्त सभी सहायक अभियोजन पदाधिकारी शामिल हुए. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल भी उपस्थित थीं. जिला जज ने बैठक के दौरान उपस्थित सभी अभियोजन पदाधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण योग्य वादों में अपने स्तर से कार्रवाई करने का निर्देश दिया. जिन सुलहनीय वादों में न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया गया है, परंतु पुलिस द्वारा आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया है, अपने-अपने न्यायालय में वैसे वादों जिनमें पक्षकारों के बीच सुलहनामा लग गया हो एवं वाद सुलहनीय के श्रेणी में है और आरोप पत्र समर्पित नहीं हुआ है, उसे चिह्नित करते हुए आरोप-पत्र समर्पित करने के लिए अपने स्तर से संबंधित अनुसंधानकर्ता अथवा थानाध्यक्ष को निर्देशित करना सुनिश्चित करायें. इससे चिह्नित वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण की कार्रवाई संभव होगा. जिला जज ने उपस्थित सभी अभियोजन पदाधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों का निस्तारण कराना आपका भी दायित्व है और आशा करते हैं कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने दायित्वों को बढ़-चढ़कर पूरा करेंगे जिससे कि औरंगाबाद जिला राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों के निस्तारण में उच्च स्थान प्राप्त कर सके.

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