Aurangabad News : (सुजीत कुमार सिंह) एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई वृद्धि का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है. पेट्रोल और डीजल के लगातार महंगे होने से आम नागरिकों, वाहन चालकों, किसानों तथा छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है. शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह से ही लोगों के बीच बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा होती रही. लोग सरकार की नीतियों और महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते दिखे.
जानिए…इस महीने कब-कब कितने रुपए वृद्धि हुई
जानकारी के अनुसार मई माह में 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तथा डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। वहीं 22 मई की मध्य रात्रि से फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए गए.
भाजपा विधायक ने कहा-जल्द ही स्थिति सामान्य होगी
भारतीय जनता पार्टी के विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आम जनता को राहत देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है.
विपक्ष ने सरकार को घेरा कहा- महंगाई नहीं रुक रही
इधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह, राजद के प्रदेश महासचिव इंजीनियर सुबोध कुमार सिंह तथा जिला पार्षद शंकर यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि से हर वर्ग प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही.
कारोबार और परिवहन पर भी असर
स्थानीय व्यवसायी मनोज गुप्ता, उपेंद्र सिंह, राजू गुप्ता, सुनील कुमार एवं प्रमोद भगत ने कहा कि डीजल महंगा होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है माल ढुलाई और परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आ रही है. व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो महंगाई और अधिक बढ़ेगी तथा आम उपभोक्ताओं को और परेशानी झेलनी पड़ेगी.
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है. वाहन चालकों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं, ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो गया है. लोगों को अब सरकार से राहत की उम्मीद है ताकि महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके.
